Asim Munir: पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के अजीबोगरीब बयानों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले 'दैवीय सहायता' का दावा करने के बाद अब मुनीर ने एक और बड़ा दावा किया है। लीबिया की नेशनल आर्मी को हथियार बेचने के लिए एक 'सेल्स पिच' तैयार करते हुए मुनीर ने दावा किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद हुए संघर्ष में पाकिस्तान ने भारत के अत्याधुनिक राफेल, सुखोई-30, मिराज-2000 और यहां तक कि S-400 मिसाइल सिस्टम को भी मार गिराया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस युद्ध में पाकिस्तान ने '90 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक' का इस्तेमाल किया। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों और सबूतों ने उनके इन दावों की धज्जियां उड़ा दी है।
राफेल और S-400 गिरने का दावा: हकीकत या कल्पना?
मुनीर का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे कहते नजर आ रहे हैं, 'हमने भारत के साथ हालिया युद्ध में दुनिया को अपनी पाकिस्तानी तकनीक दिखाई। हमने राफेल और S-400 जैसे सिस्टम को तबाह कर दिया।' लेकिन सच्चाई यह है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया, सैटेलाइट इमेजरी और स्वतंत्र रक्षा विशेषज्ञों ने भारत के किसी भी राफेल या S-400 के नुकसान की पुष्टि नहीं की है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के फैक्ट चेक यूनिट ने इसे पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा करार दिया है, जिसका मकसद अपनी जनता को गुमराह करना और भारतीय सेना की छवि को नुकसान पहुंचाना है। यहां तक कि फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने भी साफ कर दिया है कि जिस मलबे को पाकिस्तान राफेल का बता रहा है, वह पूरी तरह फर्जी है।
'मेड इन पाकिस्तान' या 'मेड इन चाइना'?
मुनीर जिसे '90% स्वदेशी तकनीक' बता रहे हैं, रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार वह असल में '90% चीनी तकनीक' है। पाकिस्तान जिस JF-17 लड़ाकू विमान का गुणगान कर रहा है, वह पूरी तरह चीन के डिजाइन और रडार सिस्टम पर आधारित है; पाकिस्तान केवल इसकी असेंबली करता है। भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह ने जुलाई में ही खुलासा किया था कि पाकिस्तान के पास मौजूद 81 प्रतिशत सैन्य साजो-सामान चीनी मूल का है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान असल में चीन के लिए एक 'लाइव लैब' की तरह है, जहां चीन अपने हथियारों का परीक्षण भारतीय हथियारों के खिलाफ कर रहा है।
हथियार बेचने के लिए चीनी माल की 'री-ब्रांडिंग'
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि मुनीर यह झूठ केवल लीबिया जैसे देशों को हथियार बेचने के लिए बोल रहे हैं। वे चीनी हथियारों को 'पाकिस्तानी' बताकर उनकी मार्केटिंग कर रहे हैं ताकि दुनिया को यह दिखा सकें कि उनकी तकनीक सर्वश्रेष्ठ है। यह केवल सैन्य झूठ नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी 'कमर्शियल चाल' है। हकीकत तो यह है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान रिकवर किए गए मलबे और खुफिया जानकारी ने बार-बार पाकिस्तानी दावों में चीनी मिसाइलों, ड्रोन और रडार की पोल खोली है, जो मुनीर के 'स्वदेशी' होने के दावे को पूरी तरह खारिज करती है।