पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों ने बड़े हमले को अंजाम दिया है। बलूच विद्रोहियो ने पाकिस्तान के एक दो नहीं बल्कि 12 शहरों पर हमला किया है। इस हमले में 80 से ज्यादा पाकिस्तान के लोगों के मारे गए हैं। इन हमलों में पाकिस्तान के कई सैनिकों की भी जान गई है। जानकारी के मुताबिक, 12 शहरों और कस्बों में हुए इन हमलों में कम से कम 67 बलूच विद्रोही और 11 सुरक्षाकर्मी मारे गए।
पाकिस्तान के 12 शहरों पर हमला
हमले शुक्रवार रात शुरू हुए और शनिवार तक चलते रहे। इस दौरान सुरक्षा बलों, पुलिस ठिकानों और आम लोगों को निशाना बनाया गया। इसके बाद सेना और कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि क्वेटा, ग्वादर, मकरान, हब, चमन, नसीराबाद और नुश्की सहित कई इलाकों से हमलों की खबरें मिली हैं। वहीं, केंद्रीय सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि आतंकवादियों ने पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स की चौकियों को निशाना बनाया, लेकिन सुरक्षा बल पहले से सतर्क थे और उन्होंने हमलों को नाकाम कर दिया, जिससे हमलावरों को पीछे हटना पड़ा।
80 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर
अधिकारियों के अनुसार नसीराबाद जिले में रेलवे ट्रैक पर लगाए गए विस्फोटकों को समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया। तरार ने यह भी कहा कि ग्वादर में आतंकवादियों ने एक परिवार के सदस्यों समेत कुछ आम लोगों की हत्या कर दी। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि अब तक 70 आतंकवादी मारे जा चुके हैं और इलाके में अभी भी तलाशी व सफाई अभियान जारी है। सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने पुष्टि की कि इन हमलों में 10 पुलिसकर्मी और फ्रंटियर कॉर्प्स के जवान शहीद हुए हैं। यह हिंसा पंजगुर और हरनाई में हुए हालिया आतंकवाद-रोधी अभियानों के बाद सामने आई है, जहां इस हफ्ते की शुरुआत में 41 आतंकवादी मारे गए थे।
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने लिया जिम्मा
प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शनिवार को दावा किया कि उसने बलूचिस्तान में ‘ऑपरेशन हेरोफ़’ का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। संगठन के प्रवक्ता जीयंद बलूच के हवाले से जारी बयान में कहा गया कि उसके लड़ाकों ने नुश्की में काउंटर टेररिज़्म डिपार्टमेंट (CTD) के मुख्यालय और एक फ्रंटियर कॉर्प्स की सुविधा पर कब्ज़ा कर लिया। बयान में यह भी दावा किया गया कि इन हमलों में पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, हालांकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन में मारे गए आतंकियों की पहचान की जा रही है। इसका मकसद यह जानना है कि वे केवल बलूच विद्रोही संगठनों से जुड़े थे या उनमें प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के सदस्य भी शामिल थे।
बलूचिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से आतंकवादी हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज़ के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल इस प्रांत में हिंसा से होने वाली मौतों में करीब 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज़ की रिपोर्ट बताती है कि साल 2025 में पूरे पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों की संख्या 34 प्रतिशत बढ़ गई, जिसमें देशभर में कुल 699 हमले दर्ज किए गए।