Bangladesh: बांग्लादेश में रविवार का दिन भारी तनाव और गमगीन माहौल के बीच गुजरा। छात्र नेता और 'इंकलाब मंच' के संयोजक शरीफ उस्मान हादी के अंतिम संस्कार में ढाका की सड़कों पर लाखों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस मौके पर मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने हादी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें देश का 'अमर सैनिक' बताया। वहीं दूसरी ओर, मयमनसिंह में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
उस्मान हादी की अंतिम विदाई में लगे भारत विरोधी नारे
ढाका के माणिक मिया एवेन्यू पर शनिवार को उस्मान हादी का जनाजा पढ़ा गया, जिसमें सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। मोहम्मद यूनुस ने कहा, 'प्यारे उस्मान हादी, हम यहां आपको अलविदा कहने नहीं आए हैं। आप हमारे दिलों में बसते हैं। जब तक बांग्लादेश रहेगा, आप इस देश का अटूट हिस्सा रहेंगे।' संसद परिसर के पास भारी पुलिस बल, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और बॉडी कैमरों से लैस जवानों को तैनात किया गया था। हादी को ढाका विश्वविद्यालय की मस्जिद के पास राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की मजार के बगल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाजे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'दिल्ली या ढाका- ढाका... ढाका' और 'हादी भाई का खून बेकार नहीं जाएगा' जैसे भारत विरोधी नारे भी लगाए।
दीपू चंद्र दास हत्याकांड में 10 आरोपी सलाखें के पीछे
मयमनसिंह में ईशनिंदा के झूठे आरोप में 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की लिंचिंग मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य सलाहकार कार्यालय के अनुसार, अब तक कुल 10 संदिग्ध पकड़े गए हैं। इनमें से 7 को रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने और 3 को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में मोहम्मद लिमोन सरकार (19), मोहम्मद तारेक हुसैन, मोहम्मद मानिक मिया, इरशाद अली, निजुम उद्दीन, आलमगीर हुसैन और मोहम्मद मिराज हुसैन अकोन प्रमुख हैं।
बता दें कि दीपू की हत्या के बाद पश्चिम बंगाल (भारत) में भी भारी गुस्सा देखा जा रहा है। सिलीगुड़ी में 'बंगीय हिंदू मंच' ने मशाल जुलूस निकालकर मोहम्मद यूनुस का पुतला फूंका और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग की।
क्यों उबल रहा है बांग्लादेश?
चुनाव का दबाव: देश में 12 फरवरी 2026 को संसदीय चुनाव होने हैं। हादी खुद एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने वाले थे।
राजनयिक तनाव: हादी के हत्यारों के भारत भाग जाने के दावों के बाद ढाका और नई दिल्ली के बीच तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के दूतों को तलब किया है।
अल्पसंख्यकों पर बढ़ता खतरा: दीपू दास की हत्या ने एक बार फिर शेख हसीना के जाने के बाद हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
12 दिसंबर: ढाका में चुनावी कैंपेन के दौरान उस्मान हादी को सिर में गोली मारी गई।
18 दिसंबर: सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान हादी की मौत।
19 दिसंबर: मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या।
20 दिसंबर: ढाका में हादी का जनाजा और मयमनसिंह मामले में 10 गिरफ्तारियां।