Bangladesh unrest: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान ने गुरुवार (25 दिसंबर) को कहा कि बांग्लादेश को दो बार आजाद कराया गया। पहली बार 1971 में और फिर जुलाई 2024 के विद्रोह के जरिए बांग्लादेश को आजाद कराया गया। उन्होंने लगभग 17 साल के निर्वासन के बाद देश लौटने पर समर्थकों को संबोधित करते हुए यह बात कही। तारिक रहमान ने 1971 के मुक्ति संग्राम को श्रद्धांजलि दी। साथ ही जुलाई 2024 में लोगों के विद्रोह के लिए आभार व्यक्त किया। रहमान गुरुवार (25 दिसंबर) को ढाका पहुंचे। वह 17 साल के अंतराल के बाद ब्रिटेन से स्वेदश लौटे हैं।
तारिक रहमान ने कहा, "हमने 1971 में बांग्लादेश को आजाद कराया। फिर हमने 2024 में इसे फिर से आजाद कराया।" इस संबोधन पर भीड़ ने ज़ोरदार तालियां बजाई। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान ने एक समावेशी बांग्लादेश बनाने का आह्वान किया। इसमें सभी समुदायों और जातीय समूहों की भागीदारी का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एकता और समान प्रतिनिधित्व पार्टी के भविष्य के राजनीतिक दृष्टिकोण के लिए केंद्रीय होंगे।
अपने भाषण के दौरान तारिक रहमान ने BNP नेता उस्मान हादी को याद किया, जिनकी कुछ दिन पहले हत्या कर दी गई थी। उनको श्रद्धांजलि देते हुए तारिक रहमान ने कहा कि उस्मान हादी ने एक लोकतांत्रिक बांग्लादेश का सपना देखा था। उन्होंने वादा किया कि BNP उस सपने को पूरा करने के लिए काम करेगी।
तारिक रहमान ने कहा, "उन्होंने लोकतंत्र में विश्वास करते हुए अपनी जान दे दी।" रहमान ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मानदंडों और संस्थानों को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। अमेरिकी नागरिक अधिकार नेता मार्टिन लूथर किंग जूनियर का ज़िक्र करते हुए तारिक रहमान ने समर्थकों से कहा कि उनके पास भी एक बेहतर बांग्लादेश बनाने की योजना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि BNP देश में शांति, अनुशासन और राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए अथक प्रयास करेगी। बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्यों ने एयरपोर्ट पर तारिक का स्वागत किया। उनके साथ उनकी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान भी थीं। 60 वर्षीय तारिक रहमान पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। वह आगामी आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के प्रमुख उम्मीदवार के रूप में उभरकर सामने आए हैं।
जिया फिलहाल बीमार हैं। उनका इलाज किया जा रहा है। छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक आंदोलन में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के 5 अगस्त, 2024 को सत्ता से हटने के बाद बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में बीएनपी अग्रणी दल के रूप में उभरी। इस आंदोलन को 'जुलाई विद्रोह' कहा गया।
वर्ष 2001 से 2006 तक बीएनपी के कार्यकाल के दौरान पार्टी की सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी और उसके इस्लामी सहयोगी दल अब उसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में दिख रहे हैं। क्योंकि अंतरिम सरकार ने देश के कड़े आतंकवाद-रोधी कानून के तहत एक कार्यकारी आदेश के जरिए अवामी लीग को भंग कर दिया है।
रहमान की बांग्लादेश वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि जमात देश के बिखरे हुए राजनीतिक परिदृश्य में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है। बीएनपी ने 12 दिसंबर को रहमान की वापसी की घोषणा की थी।
इसके बाद अटकलें तेज हो गईं। इससे पहले 29 नवंबर को एक फेसबुक पोस्ट में रहमान ने कहा था कि किसी बच्चे की तरह वह भी संकट के इस समय में अपनी गंभीर रूप से बीमार मां के पास रहने के लिए तरस रहे हैं।