उधर तेहरान पर हमला हुआ इधर PoK में हो गया खूनी खेल! ताबड़तोड़ फायरिंग में 27 से ज्यादा लोगों की मौत

PoK Military Action: दावा ये किया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना की इस बार्बर कार्रवाई में 27 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आंकड़ा 100 के पार हो सकता है। कमेटी के नेताओं का यह भी कहना है कि सेना ने मारे गए प्रदर्शनकारियों के शवों को सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है ताकि मौतों का असली आंकड़ा छुपाया जा सके

अपडेटेड Jun 08, 2026 पर 10:25 AM
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PoK में पिछले कई हफ्तों से सरकार और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन चल रहे हैं

PoK Bloodshed: एक तरफ मिडिल ईस्ट में फिर से महायुद्ध शुरू होने की नौबत दिखाई पड़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में भी हालात बेहद खतरनाक हो गए हैं। दरअसल स्थानीय एक्टिविस्टों और 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) के नेताओं ने पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों पर एक जनाजे के दौरान बर्बरता से खूनी कार्रवाई करने का बड़ा आरोप लगाया है।

दावा ये किया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना की इस बार्बर कार्रवाई में 27 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आंकड़ा 100 के पार हो सकता है। फिलहाल की स्थिति ये है कि PoK में चारों तरफ भारी तनाव का माहौल है।

जनाजे की नमाज पढ़ रहे लोगों पर बरसाए गोले


कमेटी के नेताओं के मुताबिक, यह खूनी झड़प रावलाकोट के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल के बाहर हुई। लोग वहां शाहजैब हबीब नाम के एक प्रदर्शनकारी के जनाजे की नमाज के लिए इकट्ठा हुए थे, जिसे पिछले शुक्रवार को पाकिस्तान रेंजर्स ने मार गिराया था।

इस जनाजे में अवामी एक्शन कमेटी के हजारों सदस्य और स्थानीय लोग शामिल थे। लोग वहां पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारे लगा रहे थे और हालिया जुल्मों के लिए जवाबदेही की मांग कर रहे थे।

इसी दौरान सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण तरीके से जुटे प्रदर्शनकारियों और शोक मना रहे लोगों पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और आंसू गैस के गोले दागे।

27 मौतें, 110 लोग अस्पताल परिसर से ही गायब!

अवामी एक्शन कमेटी ने आरोप लगाया है कि इस सैन्य ऑपरेशन में जहां 27 लोग मारे गए हैं, वहीं भारी संख्या में लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा सुरक्षा बलों ने अस्पताल परिसर से ही करीब 110 स्थानीय लोगों को हिरासत में ले लिया, जिनमें से कई लोग अभी भी लापता हैं। कमेटी के नेताओं का यह भी कहना है कि सेना ने मारे गए प्रदर्शनकारियों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि मौतों का असली आंकड़ा छुपाया जा सके।

क्यों जल रहा है PoK?

PoK में पिछले कई हफ्तों से सरकार और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन चल रहे हैं। स्थानीय लोगों का यह गुस्सा मुख्य रूप से इन मांगों को लेकर है:

  • बिजली की दरों में भारी कटौती की जाए।
  • गेहूं पर सरकारी सब्सिडी दी जाए।
  • जलविद्युत रॉयल्टी का भुगतान स्थानीय स्तर पर हो।
  • पाकिस्तानी वीआईपी और विशिष्ट वर्ग के विशेषाधिकार खत्म हों।
  • क्षेत्र में प्रशासनिक और शासन संबंधी कड़े सुधार किए जाएं।
  • 350 लोग जेल में बंद, कमेटी का दफ्तर सील

तनाव सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है। एक्टिविस्टों का दावा है कि पिछले चार दिनों के भीतर पूरे PoK में ताबड़तोड़ छापेमारी करके करीब 350 स्थानीय निवासियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

यही नहीं, पाकिस्तानी प्रशासन ने 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' के केंद्रीय कार्यालय को पूरी तरह सील कर दिया है और कमेटी के सदस्यों पर अवैध गोला-बारूद रखने जैसे झूठे और मनगढ़ंत आपराधिक मामले दर्ज कर दिए हैं। इस दमनकारी नीति के बाद से ही अवामी एक्शन कमेटी वहां के प्रशासन और सैन्य प्रतिष्ठान को सीधी चुनौती दे रही है और हालात बेकाबू होते जा रहे हैं।

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