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माउंट एवरेस्ट के पास चीन की नई चाल! तिब्बत में बनाया हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन रिसर्च सेंटर, आखिर क्या है इसका मकसद?

China News: चीन ने तिब्बत में माउंट एवरेस्ट के पास एक ड्रोन रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर बनाया है। इसका मकसद ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बॉर्डर पेट्रोलिंग, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट के लिए बिना पायलट वाले हवाई वाहनों (UAVs) का इस्तेमाल करना है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jul 30, 2026 पर 4:14 PM
माउंट एवरेस्ट के पास चीन की नई चाल! तिब्बत में बनाया हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन रिसर्च सेंटर, आखिर क्या है इसका मकसद?
China News: माउंट एवरेस्ट के पास चीन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है

China News: चीन ने तिब्बत में माउंट एवरेस्ट के पास एक अत्याधुनिक हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेंटर बनाया है। इस ड्रोन R&D सेंटर का उद्देश्य ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में ड्रोन टेक्नोलॉजी को विकसित करना है। साथ ही इसका मकसद अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बॉर्डर पेट्रोलिंग, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट के लिए बिना पायलट वाले हवाई वाहनों (UAVs) का इस्तेमाल करना है। इस कदम को अमेरिका और चीन के बीच चल रही तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच चीन की बड़ी रणनीतिक पहल माना जा रहा है।

करीब 4,000 मीटर से अधिक की औसत ऊंचाई पर स्थित तिब्बत को 'दुनिया की छत' कहा जाता है। यहां ऑक्सीजन का लेवल कम, तापमान बेहद ठंडा और मौसम तेजी से बदलने वाला होता है। चीनी इंजीनियरों के मुताबिक, ऊबड़-खाबड़ जमीन और तेजी से बदलते मौसम की वजह से इसे ड्रोन टेक्नोलॉजी विकसित करने के लिए एक आदर्श जगह माना जाता है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह क्षेत्र हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन टेक्नोलॉजी के टेस्ट और विकास के लिए आदर्श माना जाता है।

R&D एप्लीकेशन सेंटर लॉन्च

चीनी सरकारी न्यूज एजेंसी Xinhua ने बताया कि 3 जुलाई को तिब्बत यूनिवर्सिटी में 'प्लेट्यू ड्रोन R&D एप्लीकेशन सेंटर' शुरू किया गया। यह चीन का पहला ऐसा प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म है जो पूरी तरह से ज्यादा ऊंचाई वाले पठारी इलाकों में UAVs की रिसर्च, डेवलपमेंट और प्रैक्टिकल इस्तेमाल के लिए समर्पित है। उम्मीद है कि ज्यादा ऊंचाई वाला यह सेंटर अमेरिका के साथ टेक्नोलॉजी में दबदबे की चल रही होड़ में चीन को बढ़त दिलाएगा।

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