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गलवान संघर्ष के बाद चीन ने गुपचुप तरीके से किया था न्यूक्लियर टेस्टिंग, अमेरिकी अधिकारी का सनसनीखेज दावा

China Nuclear Test: डीनैनो के अनुसार, जहां 15 जून 2020 को गलवान में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच खूनी झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे, वहीं ठीक 7 दिन बाद 22 जून 2020 को चीन ने एक 'यील्ड-प्रोड्यूसिंग' परमाणु परीक्षण कर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Feb 08, 2026 पर 8:56 AM
गलवान संघर्ष के बाद चीन ने गुपचुप तरीके से किया था न्यूक्लियर टेस्टिंग, अमेरिकी अधिकारी का सनसनीखेज दावा
खुफिया रिपोर्टों में उस संघर्ष में 30 से अधिक चीनी सैनिकों के मारे जाने की बात भी कही गई थी

China Secret Nuclear Tests: अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट थॉमस डीनैनो ने चीन को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि चीन ने जून 2020 में गलवान घाटी में भारत के साथ हुए हिंसक संघर्ष के महज एक हफ्ते बाद एक गुप्त परमाणु परीक्षण किया था। डीनैनो के अनुसार, जहां 15 जून 2020 को गलवान में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच खूनी झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे, वहीं ठीक 7 दिन बाद 22 जून 2020 को चीन ने एक 'यील्ड-प्रोड्यूसिंग' परमाणु परीक्षण कर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया।

खुफिया रिपोर्टों में उस संघर्ष में 30 से अधिक चीनी सैनिकों के मारे जाने की बात भी कही गई थी, और अब अमेरिकी दावे ने संकेत दिया है कि सीमा पर तनाव के उस चरम दौर में चीन परमाणु स्तर पर भी अपनी सैन्य शक्ति का गुप्त प्रदर्शन कर रहा था।अमेरिका के अनुसार, चीन ने इन विस्फोटों को छिपाने के लिए 'डिकपलिंग' जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया ताकि भूकंपीय निगरानी के जरिए इनका पता न चल सके।

यह आरोप ऐसे समय में आया है जब रूस और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को सीमित करने वाली 'न्यू स्टार्ट' संधि (New START) समाप्त हो गई है, जिससे दुनिया में हथियारों की नई होड़ शुरू होने का खतरा बढ़ गया है।

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