नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बीच चीन ने मदद का हाथ बढ़ाया है। चीन सरकार ने नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए 2.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 22 लाख डॉलर) की वित्तीय मदद दी है। इसके साथ ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली क्यांग ने इस तबाही में हुए जान-माल के भारी नुकसान पर गहरा दुख और संवेदना भी जताई है।
पीटीआई की रिपोर्ट में नेपाल के वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के हवाले से बताया गया है कि नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने रविवार को चीनी सरकार की ओर से 350 मिलियन नेपाली रुपये (2 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर) का चेक नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले को सौंपा। चीनी राजदूत ने चाइनीज रेड क्रॉस की तरफ से भी 200000 अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि नेपाल सरकार को सौंपी।
इस आपदा में नेपाल अकेला नहीं है: चीन
वित्त मंत्रालय के मुताबिक राजदूत झांग माओमिंग ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली क्यांग की ओर से वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले को संदेश देते हुए कहा गया कि नेपाल इस आपदा में अकेला नहीं है, चीन हमेशा नेपाल के साथ खड़ा है।
नेपाल में मौतों का आंकड़ा 900 के पार, हजारों लापता
नेपाल में इस भीषण फ्लैश फ्लड की वजह से सोमवार को बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई। मलबे से लगातार शवों को निकाला जा रहा है। इस त्रासदी के बाद से करीब 4250 लोग अभी भी लापता हैं। आपको बता दें कि नेपाल में यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के ढहने या हिमस्खलन की वजह से शुरू हुई थी। इस घटना ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
भोटेकोशी नदी का तांडव और चीन के तिब्बत में भी भारी नुकसान
हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी अपने साथ बाढ़ का भीषण पानी और मलबा बहाकर ले आई। इस प्रचंड प्रवाह ने घरों, वाहनों, सड़कों और पुलों को बहा दिया। इसके साथ ही क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
इस तबाही का असर सिर्फ नेपाल तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि चीनी सीमा के भीतर भी इसका भारी असर पड़ा है। चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीमा के चीनी हिस्से में भी 16 लोगों की मौत हो गई है। तिब्बत क्षेत्र में लगभग 550 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।