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एक साल में दूसरी बार फेल! पाकिस्तान के बाद ईरान में भी नहीं चला चीन का HQ-9B सिस्टम

अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयात्तुल्ला अली खामेनाई की भी मौत हो गई है। वहीं इस हमले के बाद ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम पर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर वे अपने ऊपर हुए हमले को क्यों नहीं रोक पाए। ईरान ने बड़े पैमाने पर चीनी डिफेंस सिस्टमों की खरीद की थी। लेकिन, कोई भी चीनी हथियार काम नहीं आया

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 03, 2026 पर 3:09 PM
एक साल में दूसरी बार फेल! पाकिस्तान के बाद ईरान में भी नहीं चला चीन का HQ-9B सिस्टम
पाकिस्तान के बाद अब ईरान में फेल हुआ चीन का एयर डिफेंस सिस्टम

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर एयरस्ट्राइक कर तेहरान समेत कई शहरों में तबाही मचा दी है। अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयात्तुल्ला अली खामेनाई की भी मौत हो गई है। वहीं इस हमले के बाद ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम पर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर वे अपने ऊपर हुए हमले को क्यों नहीं रोक पाए। ईरान ने बड़े पैमाने पर चीनी डिफेंस सिस्टमों की खरीद की थी। लेकिन, कोई भी चीनी हथियार काम नहीं आया। चीन का एक चर्चित एयर डिफेंस सिस्टम HQ-9B एक बार फिर जांच के घेरे में है। खबरों के मुताबिक, अमेरिका और इज़राइल के हालिया हवाई हमलों के दौरान ईरान में यह सिस्टम प्रभावी साबित नहीं हो पाया।

चीन ने हथियारों पर उठने लगे सवाल 

बताया जा रहा है कि पिछले एक साल में यह दूसरी बार है जब HQ-9B सिस्टम पर सवाल उठे हैं। इससे पहले मई 2025 में पाकिस्तान में तैनात यह सिस्टम भारतीय फायरिंग के सामने कामयाब नहीं हो सका था। ईरान ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए जुलाई 2025 में चीन से ‘तेल के बदले हथियार’ डील के तहत यह सिस्टम खरीदा था। यह खरीद पिछले साल जून में इज़राइल के साथ हुए सीज़फायर के बाद की गई थी। जून में इज़राइल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए उसके अंदर तक हवाई हमले किए थे। इस ऑपरेशन के अंत में अमेरिका ने भी ईरान के कुछ परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। अब ताजा घटनाओं के बाद चीन के इस एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

जुलाई 2025 के हमले के बाद ईरान ने चीन से खरीदकर जो HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम लगाया था, वह 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के सामने असरदार साबित नहीं हो सका। यह सिस्टम तेहरान की अहम जगहों के साथ-साथ नतांज और फोर्डो के महत्वपूर्ण परमाणु ठिकानों के आसपास तैनात था। लेकिन हमलों के दौरान यह आने वाली मिसाइलों को रोक नहीं पाया। इससे इस सिस्टम की वास्तविक क्षमता पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालिया हमलों में तेहरान सहित ईरान के 31 में से 20 से अधिक प्रांत प्रभावित हुए। इन हमलों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ और 550 से ज्यादा आम नागरिकों की मौत की खबर सामने आई है।

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