Crude Oil: मध्यपूर्व में सीजफायर पर अनिश्चितता बढ़ने से क्रूड फिर से 100 डॉलर के पार

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में सीजफायर जारी रहने पर संदेह बढ़ा है। इसका असर क्रूड की कीमतों पर पड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया था। लेकिन, लेबनान पर इजरायल के हमले से तनाव फिर से बढ़ गया है

अपडेटेड Apr 09, 2026 पर 7:56 PM
Story continues below Advertisement
डब्ल्यूटीआई क्रूड 6.27 फीसदी यानी 5.9 डॉलर के उछाल के साथ 100.335 डॉलर पर पहुंच गया।

क्रूड ऑयल में 9 अप्रैल को भारतीय समय के मुताबिक शाम 7 बजे जबर्दस्त तेजी दिखी। डब्ल्यूटीआई क्रूड 6.27 फीसदी यानी 5.9 डॉलर के उछाल के साथ 100.335 डॉलर पर पहुंच गया। सीजफायर की खबर से क्रूड में नरमी दिखी थी। इसका भाव 100 डॉलर प्रति बैरल से काफी नीचे आ गया था। ब्रेंट क्रूड भी करीब 4 फीसदी के उछाल के साथ 98.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

क्रूड 100 डॉलर के पार जाने से बढ़ी चिंता

मध्यपूर्व में सीजफार के ऐलान से क्रूड ऑयल में बड़ी गिरावट आई थी। इससे दुनिया ने राहत की सांस ली थी। लेकिन, 9 अप्रैल को डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत फिर से 100 डॉलर पार कर जाने से चिंता बढ़ गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि दो हफ्ते के सीजफायर के ऐलान का असर क्रूड पर पड़ा था। इससे 8 अप्रैल को क्रूड में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी।


मध्यपूर्व में सीजफायर को लेकर बढ़ा संदेह

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में सीजफायर जारी रहने पर संदेह बढ़ा है। इसका असर क्रूड की कीमतों पर पड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया था। लेकिन, लेबनान पर इजरायल के हमले से तनाव फिर से बढ़ गया है। इससे दो हफ्ते के सीजफायर के जारी रहने को लेकर संदेह पैदा हो गया है। ईरानी मीडिया ने खबर दी है कि स्टेट्र ऑफ होर्मुज को लेबनान पर हमले के बाद बंद कर दिया गया है।

महंगा क्रूड बढ़ा सकता है भारत की मुसीबत

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने का मतलब है कि क्रूड ऑयल और गैस की सप्लाई में बाधा बनी रहेगी। इससे दुनियाभर में फ्यूल की कीमतें हाई बनी रहेगी। खासकर भारत के लिए क्रूड में उछाल ठीक नहीं है। भारत अपनी 90 फीसदी क्रूड और करीब 50 फीसदी गैस की जरूरत इंपोर्ट से पूरी करता है। क्रूड महंगा होने से सरकार का आयात बिल बढ़ जाता है।

यह भी पढ़ें: मध्यपूर्व में सीजफायर पर संदेह बढ़ने से चांदी 7800 रुपये गिरी, सोने में भी नरमी 

पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतें बढ़ सकती हैं

भारत में सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अब तक नॉर्मल पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। लेकिन, लंबे समय तक क्रूड की कीमतें हाई बने रहने पर ये कंपनियां कीमतों में इजाफा करने को मजबूर हो सकती है। बताया जाता है कि कॉस्ट से कम कीमतों पर इन कंपनियों को पेट्रोल और डीजल बेचना पड़ रहा है। पेट्रोल पर इन्हें प्रति लीटर 24 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 100 रुपये का नुकसान हो रहा है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।