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तेल के दाम में आएगा और उबाल! कई गल्फ कंट्रीज ने घटाया उत्पादन, युद्ध संकट गहराने के आसार

पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध और हॉर्मूज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल बाजार में उथल पुथल बढ़ गई है। कई गल्फ देशों ने उत्पादन घटाना शुरू कर दिया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Mar 08, 2026 पर 10:55 PM
तेल के दाम में आएगा और उबाल! कई गल्फ कंट्रीज ने घटाया उत्पादन, युद्ध संकट गहराने के आसार
तेल की कीमतों को काबू में रखने के लिए अमेरिका कुछ कदमों पर विचार कर रहा है।

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब तेल बाजार पर तेजी से दिखने लगा है। ईरान में जारी संघर्ष और हॉर्मूज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल की सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही अमेरिका भी ईरान में अपने हमले तेज करने पर विचार कर रहा है। इससे हालात और तनावपूर्ण हो सकते हैं।

संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत ने पहले ही तेल उत्पादन कम करना शुरू कर दिया है क्योंकि उनके स्टोरेज टैंक तेजी से भर रहे हैं। इराक भी ऐसा कर चुका है। अगर टैंकर इसी तरह इस रास्ते से बचते रहे तो दूसरे देश भी उत्पादन घटाने को मजबूर हो सकते हैं। जब टैंकर लोड होकर निकल जाएंगे तो जमीन पर मौजूद स्टोरेज भी तेजी से भरने लगेंगे।

दुनिया के तेल का अहम रास्ता बंद

यह संघर्ष अब नौवें दिन में पहुंच चुका है और इसके जल्द खत्म होने के संकेत नहीं हैं। सामान्य परिस्थितियों में हॉर्मूज जलडमरूमध्य से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आवाजाही होती है, लेकिन फिलहाल यह रास्ता व्यावसायिक जहाजों के लिए लगभग बंद है।

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