Salim Dola Arrest In Istanbul: भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का कथित करीबी साथी और भारत में अवैध ड्रग्स कारोबार से जुड़े एक अहम वॉन्टेड को इस्तांबुल में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान सलीम डोला के रूप में हुई है। वह नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और देश के कई राज्यों की पुलिस सहित भारत की कई एजेंसियों की नजर में था। अधिकारियों ने बताया कि माना जा रहा है कि सलीम डोला ने भारत और उसके आसपास एक्टिव नेटवर्क से जुड़े ड्रग्स तस्करी के ऑपरेशन्स की देखरेख में अहम भूमिका निभाई थी।
रविवार (26 अप्रैल) को एक बयान में कहा गया है कि तुर्की की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी (MİT) और इस्तांबुल पुलिस विभाग ने एक संयुक्त अभियान में कुख्यात भारतीय ड्रग तस्कर सलीम डोला को इस्तांबुल में गिरफ्तार किया है। कहा जाता है कि उसे भारत के मोस्ट वॉन्टेड दाऊद इब्राहिम का करीबी साथी और उस आपराधिक सिंडिकेट की नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों में एक अहम कड़ी माना जाता था।
जानकारी के मुताबिक, भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियां ड्रग्स से जुड़े अपराधों में कथित संलिप्तता के लिए सलीम डोला की सक्रियता से तलाश कर रही थीं। हाल ही में उसका नाम कई जांचों में सामने आया था। उसे एक वांछित आरोपी के तौर पर सूचीबद्ध किया गया था।
'रेड कॉर्नर' नोटिस हुआ था जारी
उसके खिलाफ इंटरपोल का 'रेड कॉर्नर नोटिस' भी जारी किया गया था। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब मुंबई पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स केस से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें सलीम डोला को एक फरार आरोपी के तौर पर नामजद किया गया था। जांचकर्ताओं का मानना है कि उसका नेटवर्क कई क्षेत्रों में फैला हुआ था। इसमें उसके गुर्गे ड्रग्स कारोबार के अलग-अलग पहलुओं को संभालते थे। पिछले साल नेपाल में एक और हथियार सप्लायर गिरफ्तार हुआ था।
नेपाल से शेख सलीम भी गिरफ्तार
अगस्त 2025 में भारत के सबसे वांछित अवैध हथियार सप्लायर शेख सलीम उर्फ 'सलीम पिस्टल' को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और नेपाल पुलिस के एक संयुक्त ऑपरेशन में नेपाल में गिरफ्तार किया गया था। सलीम कई सालों से पाकिस्तान से भारत में अत्याधुनिक हथियारों की सप्लाई कर रहा था। जांच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI, साथ ही दाऊद इब्राहिम की 'D-कंपनी' से उसके तार जुड़े होने का खुलासा हुआ।
सलीम के बारे में बताया जा रहा है वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा जैसे बड़े गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई करने के लिए जाना जाता था। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। दिल्ली का रहने वाला सलीम, साल 2000 से ही क्राइम की दुनिया में एक्टिव था, जिसकी शुरुआत उसने वाहन चोरी से की थी। वह हथियारबंद लूट सहित कई गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। उसे 2018 में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन बाद में वह विदेश भाग गया। हालांकि, इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर उसे नेपाल में ढूंढ़ निकाला गया।
फर्जी करेंसी के ऑपरेशन्स में बढ़ोतरी
14 अप्रैल को न्यूज एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय एजेंसियों ने नकली करेंसी की जब्ती में काफी बढ़ोतरी देखी है। यह इस बात का संकेत है कि दाऊद इब्राहिम से जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क ने अपने ऑपरेशन्स का विस्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि यह सिंडिकेट अब भारत के अंदर मौजूद अपने गुर्गों को निर्देश दे रहा है कि वे नकली करेंसी को स्थानीय स्तर पर ही छापें, न कि सिर्फ पाकिस्तान और बांग्लादेश के रास्ते होने वाली सीमा-पार तस्करी पर निर्भर रहें।
इस रणनीति के तहत छोटे-छोटे और बार-बार ऑपरेशन्स किए जाते हैं। ताकि पकड़े जाने से बचा जा सके। साथ ही करेंसी के कुल सर्कुलेशन को भी बनाए रखा जा सके। इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि ये गुर्गे लगातार अपनी जगहें बदल रहे हैं, जिससे इन्हें पकड़ने की कोशिशें और भी मुश्किल हो गई हैं। यह सिंडिकेट गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब जैसे कई राज्यों में भी अपने ऑपरेशन्स का विस्तार कर रहा है।