Nikhil Gupta Case: खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश को लेकर अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने नए चौंकाने वाले खुलासे किए है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस पूरी योजना को 'बेहद कच्ची और नौसिखिया' करार दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस साजिश में खुफिया प्रोटोकॉल और सुरक्षा नियमों की ऐसी अनदेखी की गई, जो कोई भी पेशेवर एजेंसी कभी नहीं करती।
'सेल्फी' और 'मैसेज' ने खोल दी पोल
जांच में सामने आया है कि इस साजिश के मुख्य किरदारों ने डिजिटल सेफ्टी की जमकर धज्जियां उड़ाईं। कथित तौर पर भारतीय सरकारी कर्मचारी और आरोपी विकास यादव ने निखिल गुप्ता को एनक्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर मैसेज भेजे। हद तो तब हो गई जब विकास ने निखिल को अपनी एक 'सेल्फी' भी भेज दी, जिसमें वह सैन्य वर्दी और नेमप्लेट के साथ नजर आ रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, इस एक मैसेज से एफबीआई को ऑपरेशन शुरू होने से पहले ही मुख्य आरोपी की जानकारी हो गई थी।
जिसे कातिल समझा, वही निकला अंडरकवर एजेंट
निखिल गुप्ता ने एक 'क्रिमिनल' से संपर्क किया था ताकि वह पन्नू की हत्या के लिए शूटर का इंतजाम कर सके। लेकिन वह व्यक्ति अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी (DEA) का मुखबिर निकला। उस मुखबिर ने निखिल की मुलाकात एक 'हिटमैन' से कराई, जो असल में डीईए का ही एक अंडरकवर अफसर था। खुफिया दुनिया में जहां हैंडलर 'भूत' की तरह गायब रहते हैं, वहां यादव और गुप्ता एक-दूसरे को किसी 'डिजिटल पेन पाल' की तरह जानकारी साझा कर रहे थे।
9 जून 2023 को निखिल गुप्ता ने मैनहट्टन में एक अनजान व्यक्ति को 15,000 डॉलर कैश देने का इंतजाम किया। अधिकारियों का कहना है कि न्यूयॉर्क जैसी जगह पर इस तरह कैश का लेनदेन करना एक बड़ी गलती थी। उन्होंने एक भू-राजनीतिक साजिश को 'सड़क छाप अपराध' में बदल दिया, जो आसानी से फेडरल सर्विलांस के कैमरे में कैद हो गया।
हरदीप सिंह निज्जर से जुड़ा कनेक्शन
अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के ठीक एक दिन बाद यानी 19 जून 2023 को निखिल गुप्ता ने अंडरकवर एजेंट से कहा था कि 'निज्जर भी एक टारगेट था।' उसने यह भी जोड़ा कि 'हमारे पास और भी कई टारगेट हैं।' गुप्ता ने पहले एजेंट को हिदायत दी थी कि प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान पन्नू पर हमला न किया जाए, लेकिन निज्जर की मौत के बाद उसने कहा कि अब देरी करने की जरूरत नहीं है।
निखिल गुप्ता की जल्दबाजी और बुनियादी खुफिया नियमों की अनदेखी ने इस पूरी साजिश को एक खुले जाल में बदल दिया, जिसमें वे खुद फंस गए। फिलहाल निखिल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और उन्हें मई 2026 में सजा सुनाई जाएगी।