अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया कि ईरान के ड्रोन ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे भारतीय जहाजों को निशाना बनाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए इसे "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय जहाजों पर हुआ ड्रोन हमला गंभीर चिंता का विषय है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
तीन भारतीयों की हुई है मौत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ओमान और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय कमर्शियल जहाजों पर हमलें हुए हैं। इन हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है।
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने कहा था कि, "भारतीय कमर्शियल जहाजों पर अमेरिका के बर्बर हमले में कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। ये हमले हथियारबंद लूट और सरकारी समुद्री डकैती की अमेरिका की जारी नीति का स्पष्ट सबूत हैं। हम मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों और दोस्तों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हैं और भारत के लोगों व सरकार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।"
इसके पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने ओमान के तट पर एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले की निंदा की थी। 10 जून को जारी बयान में मंत्रालय ने कहा, "हम आज ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज सेटेबेलो पर हुए हमले की निंदा करते हैं। जहाज पर मौजूद 24 भारतीय क्रू मेंबर में से अब तक 21 को बचा लिया गया है और 3 भारतीय लापता है।" बाद में तीनों भारतीयों के शव बरामद किए गए थे।
भारत ने इस सप्ताह दूसरी बार अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी के प्रतिनिधि माइक्स को तलब किया और भारतीय चालक दल वाले व्यावसायिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए लगातार हमलों को लेकर अपनी गहरी चिंता जताई। इस मामले में यह पहली बार है जब भारत ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारतीय क्रू मेंबर वाले तीन जहाज अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई का शिकार बने थे।