ट्रंप के टैरिफ से सहमी अमेरिकी कंपनियां, क्या ट्रंप की यह जिद अमेरिका को तबाह कर देगी?

JP Morgan के सीईओ Jamie Dimon और BlackRock के सीईओ Larry Fink ने तो इकोनॉमिक आउटलुक को लेकर गंभीर चिंता जताई है। JP Morgan ने भविष्य में संभावित डिफॉल्ट से बचने के लिए 97.3 करोड़ डॉलर अलग कर दिया है

अपडेटेड Apr 12, 2025 पर 12:45 PM
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अमेरिकी कंपनियों के एग्जिक्यूटिव्स ने ट्रंप से टैरिफ को लेकर टेंशन जल्द खत्म करने की गुजारिश की है।

अमेरिकी कंपनियों के एक्जिक्यूटिव्स 2025 की शुरुआत में काफी खुश थे। उन्हें डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से काफी उम्मीदें थीं। कंपनियां सबसे ज्यादा खुश कॉर्पोरेट टैक्स में कमी की उम्मीद से थीं। कंपनियों को यह भी लगता था कि ट्रंप ऐसी पॉलिसी बनाएंगे जो बिजनेस के विस्तार के लिए फायदेमंद होगी। लेकिन, उनकी उम्मीदें जल्द टूट गईं। ट्रंप ने जो टैरिफ पॉलिसी अपनाई है, उसने पूरी दुनिया में उथलपुथल मचा दी है। वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ को नुकसान पहुंचने की आशंका पैदा हो गई है। बताया जा रहा है कि ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी का सबसे ज्यादा नुकसान खुद अमेरिका को होगा।

अमेरिका-चीन में बढ़ता टकराव बड़ी मुसीबत पैदा कर सकता है

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता टकराव पूरी दुनिया की मुसीबत बढ़ा सकता है। कंपनियों के एग्जिक्यूटिव्स, इकोनॉमिस्ट्स और मार्केट एक्सपर्ट्स का तो मानना है कि ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी का असर कंज्यूमर कॉन्फिडेंस और बिजनेस इनवेस्टमेंट पर पड़ने लगा है। कुछ एनालिस्ट्स ने इस साल के अंत तक मंदी की आशंका तक जताई है। ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ के लिए स्टैबिलिटी सबसे जरूरी है। ट्रंप के टैरिफ ने सबसे ज्यादा चोट स्टैबिलिटी को पहुंचाई है। इसने दुनियाभर में कंज्यूमर्स और इनवेस्टर्स के आत्मविश्वास को हिला दिया है।


कंपनियों के एग्जिक्यूटिव्स को कंजम्प्शन घटने का डर

JP Morgan के सीईओ Jamie Dimon और BlackRock के सीईओ Larry Fink ने तो इकोनॉमिक आउटलुक को लेकर गंभीर चिंता जताई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, डिमोन ने कहा है कि यह ऐसा बड़ा बदलाव है, जिसे हमने अपनी जिंदगी में पहले कभी नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म में हमें ऐसी इकोनॉमी दिख रही है, जो खतरे में है। 2025 की शुरुआत में कंज्यूमर खुलकर खर्च कर रहे थे, लेकिन अब ट्रेंड में बदलाव दिख रहा है। इकोनॉमी से जुड़े डेटा कंज्यूमर कॉन्फिडेंस घटने का संकेत दे रहे हैं। पहले शायद ही कभी बेरोजगारी और इनफ्लेशन बढ़ने को लेकर इतनी चिंता दिखी थी।

बैंक बिजनेस में बड़े लॉस के लिए खुद को कर रहे तैयार

ट्रंप ने अप्रैल में टैरिफ का जो ऐलान किया, उससे पूरी दुनिया चौंक गई। इसका सबसे ज्यादा असर स्टॉक मार्केट्स पर पड़ा। अमेरिकी बॉन्ड्स पर दबाव बढ़ गया। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया है कि बैंक बिजनेस में बड़े लॉस के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। JP Morgan ने भविष्य में संभावित डिफॉल्ट से बचने के लिए 97.3 करोड़ डॉलर अलग कर दिया है। वेल्स फार्गो के सीईओ माइकल सैंटोमैसिमो ने वॉल स्ट्रीट जनर्ल को बताया, "हमें लगता है कि कई लोग अपना कदम पीछे खींच रहे हैं। चीजें किस तरह जा रही है, इस बारे तस्वीर साफ नहीं है।"

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टैरिफ को लेकर ऐसी लड़ाई पहले कभी नहीं देखी गई

अमेरिकी कंपनियों के एग्जिक्यूटिव्स ने ट्रंप से टैरिफ को लेकर टेंशन जल्द खत्म करने की गुजारिश की है। डिमोन ने एनालिस्ट्स से बातचीत में कहा कि सबसे अच्छा यह है कि अमेरिकी वित्त मंत्री और उनसे जुड़े लोग ट्रंप के साथ मिलकर समस्या का जल्द हल निकालने की कोशिश करें। जिस तरह से टैरिफ को लेकर लड़ाई जैसी स्थिति बनी है, वैसी फाइनेंस में बीते 49 सालों के करियर में मैंने कभी नहीं देखी थी।

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