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हम पर हमला हुआ, तो क्या आप हमारे साथ खड़े होंगे? ट्रंप ने फिर उठाए NATO पर सवाल, बोले- यूक्रेन से अमेरिका का कोई मतलब नहीं

इसके बावजूद ट्रंप ने नाटो पर अपनी शंका दोहराई। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी को अच्छी तरह जानता हूं, लेकिन मुझे यकीन नहीं है कि वे हमारे लिए खड़े होंगे। हम इतना पैसा खर्च करते हैं, इतना बलिदान देते हैं- खून, पसीना और आंसू- फिर भी मुझे नहीं लगता कि जरूरत पड़ने पर वे हमारे साथ होंगे

Shubham Sharmaअपडेटेड Jan 21, 2026 पर 8:33 PM
हम पर हमला हुआ, तो क्या आप हमारे साथ खड़े होंगे? ट्रंप ने फिर उठाए NATO पर सवाल, बोले- यूक्रेन से अमेरिका का कोई मतलब नहीं
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में बोलते हुए ट्रंप ने एक बार फिर NATO पर सवाल उठाए

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नाटो (NATO) की अमेरिका के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भरोसा नहीं है कि अगर अमेरिका पर हमला हुआ, तो नाटो देश उसकी रक्षा के लिए आगे आएंगे। स्विट्जरलैंड के दावोस में दिए गए अपने भाषण में ट्रंप ने कहा, “NATO की समस्या यह है कि हम उनके लिए 100 प्रतिशत खड़े रहते हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि वे हमारे लिए खड़े होंगे या नहीं।”

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की मांग और यूरोपीय देशों के विरोध के बीच ट्रंप लगातार NATO की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। बुधवार को ग्रीनलैंड को हासिल करने की अपनी कोशिशों के दौरान ट्रंप ने NATO देशों को एक कड़ा संदेश भी दिया।

उन्होंने कहा, “उनके पास एक विकल्प है। वे हां कह सकते हैं, तो हम इसकी सराहना करेंगे। या वे ना कह सकते हैं, और हम इसे याद रखेंगे।”

NATO का एक अहम सिद्धांत अनुच्छेद-5 (Article 5) है। इसके तहत अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो इसे सभी सदस्य देशों हमला माना जाता है और उसकी रक्षा के लिए सभी आगे आते हैं। इस अनुच्छेद का इस्तेमाल अब तक सिर्फ एक बार हुआ है- 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद, जब अमेरिका ने इसे लागू किया था।

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