ट्रंप के साथ झगड़ा कितना भारी! अमेरिकी राष्ट्रपति के भड़कने वाली बात पर नेतन्याहू पहली बार ये बोले

Trump-Netanyahu: बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि कभी-कभी हमारे बीच रणनीतिक असहमतियां हो जाती हैं, जैसा कि सबसे अच्छे परिवारों में भी होता है। लेकिन हम हमेशा इसे सुलझाने का रास्ता निकाल लेते हैं। नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों सहयोगियों के बीच मतभेदों का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि दोनों देशों के रिश्तों में कोई बड़ी गिरावट आ गई है

अपडेटेड Jun 05, 2026 पर 12:22 PM
दरार की खबरों पर अब पहली बार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान सामने आया है

अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते रणनीतिक तनाव और दोनों देशों के टॉप नेताओं के बीच दरार की खबरों पर अब पहली बार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भड़कने और दोनों के बीच फोन पर हुई तीखी बहस की मीडिया रिपोर्टों को नेतन्याहू ने पूरी तरह खारिज तो नहीं किया लेकिन परिवार के अंदर की बात बता कम आंकने की कोशिश जरूर की है. सीएनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने साफ कहा कि दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक तौर-तरीकों को लेकर भले ही कभी-कभी मतभेद हो जाते हैं लेकिन दोनों अच्छे दोस्तों की तरह मिलकर काम करते हैं.

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि कभी-कभी हमारे बीच रणनीतिक असहमतियां हो जाती हैं, जैसा कि सबसे अच्छे परिवारों में भी होता है। लेकिन हम हमेशा इसे सुलझाने का रास्ता निकाल लेते हैं। नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों सहयोगियों के बीच मतभेदों का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि दोनों देशों के रिश्तों में कोई बड़ी गिरावट आ गई है।

आखिर किस बात पर भड़के थे डोनाल्ड ट्रंप?


यह पूरा विवाद तब सामने आया जब इसी हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू के बीच फोन पर काफी टेंशन वाली बातचीत होने की खबरें आईं। बाद में ट्रंप ने खुद भी इसे स्वीकार किया था। आपको बता दें कि अमेरिका इस समय लेबनान में चल रहे संघर्ष को रोकने और ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत के रास्ते खुले रखने की कोशिशों में जुटा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने इस बात पर निराशा और नाराजगी जताई थी कि एक तरफ अमेरिका क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ इजरायल लेबनान में अपने सैन्य अभियानों को लगातार जारी रखे हुए है। बाद में ट्रंप ने भी इस मामले को शांत करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था कि वह इजरायल से नाराज नहीं हैं बल्कि जमीनी हालात और घटनाक्रमों को लेकर थोड़े परेशान जरूर थेय़

हिजबुल्लाह और लेबनान को लेकर नेतन्याहू का रुख

इंटरव्यू के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब बात हिजबुल्लाह और मध्य पूर्व की स्थिरता की आती है तो उनके और राष्ट्रपति ट्रंप के रणनीतिक लक्ष्य बिल्कुल एक जैसे हैं। नेतन्याहू ने कहा कि, 'हिजबुल्लाह असल में ईरान का एक प्रॉक्सी (मोहरा) है जिसने लेबनान के सभी नागरिकों को बंदूक की नोंक पर रखा हुआ है। वह लेबनान की धरती का इस्तेमाल हमारे शहरों पर आतंकी मिसाइलें दागने और हमारे नागरिकों के खिलाफ किलर ड्रोन लॉन्च करने के लिए एक प्लेटफॉर्म के रूप में कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर हम लेबनान को बचाना चाहते हैं और लेबनान-इजरायल के बीच शांति स्थापित करना चाहते हैं जैसा कि मैं चाहता हूं तो हमें हिजबुल्लाह को निशस्त्र करना होगा और लेबनान को असैन्यीकृत करना होगा। मुझे पता है कि यह एक ऐसा लक्ष्य है जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और मैं दोनों साझा करते हैं, और हमें यही करना है।'

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दोनों नेता एकजुट

नेतन्याहू ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना और इजरायल को उसके खतरों से बचाना, दोनों सरकारों की सबसे बड़ी और साझा प्राथमिकता है। अपनी रणनीतियों में थोड़े-बहुत मतभेदों के बावजूद, नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप को इजरायल का सबसे बड़ा दोस्त करार दिया। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वे दोनों नियमित संपर्क में रहते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि मैं हर दो दिन में एक बार उनसे (ट्रंप से) बात करता हूं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।