अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पिछले सप्ताह घोषित किए गए नए टैरिफ से अमेरिका में घरेलू और इंपोर्टेड दोनों तरह के सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी होगी। इससे पहले से ही कमजोर चल रही अमेरिकी अर्थव्यवस्था और धीमी हो जाएगी। यह बात जेपी मॉर्गन चेस के CEO जेमी डिमन ने कही है। सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डिमन ने ट्रंप की टैरिफ नीति का जिक्र अपने सालाना शेयरहोल्डर लेटर में किया है।
डिमन ने कहा कि नए घोषित टैरिफ के शॉर्ट टर्म में बड़े असर हो सकते हैं। अमेरिका में महंगाई बढ़ सकती है, न केवल इंपोर्टेड सामान पर बल्कि घरेलू सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। क्योंकि इनपुट लागत बढ़ेगी और घरेलू प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा, "टैरिफ मंदी का कारण बनते हैं या नहीं, यह सवाल बना हुआ है, लेकिन यह ग्रोथ को धीमा कर देंगे।"
डिमन वॉल स्ट्रीट के किसी प्रमुख बैंक के पहले CEO हैं, जिन्होंने वैश्विक बाजारों में गिरावट के बीच ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी पर सार्वजनिक रूप से बात की है। हालांकि जेपी मॉर्गन के चेयरमैन ने अक्सर अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भू-राजनीतिक और वित्तीय जोखिमों को उजागर करने के लिए किया है। ट्रंप की ओर से नए टैरिफ की घोषणा के बाद से वैश्विक बाजारों में गिरावट आई है। पिछला सप्ताह 2020 में कोविड महामारी के प्रकोप के बाद से अमेरिकी इक्विटी के लिए सबसे खराब सप्ताह रहा।
मुद्दे का जितनी जल्दी समाधान हो जाए, उतना ही बेहतर
डिमन ने कहा है कि ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी ने कई अनिश्चितताएं पैदा की हैं। इनमें ग्लोबल कैपिटल फ्लो और डॉलर पर इसका प्रभाव, कॉर्पोरेट मुनाफे पर असर और ट्रेडिंग पार्टनर्स की प्रतिक्रिया शामिल है। उन्होंने कहा, "इस मुद्दे का जितनी जल्दी समाधान हो जाए, उतना ही बेहतर होगा, क्योंकि कुछ नकारात्मक प्रभाव समय के साथ बढ़ते हैं और उन्हें उलटना मुश्किल होगा।"
इससे पहले इस साल जनवरी में डिमन ने कहा था कि लोगों को टैरिफ संबंधी चिंताओं को दूर कर देना चाहिए क्योंकि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अच्छे हैं। उस समय चर्चा किए जा रहे टैरिफ के स्तर, पिछले सप्ताह सामने आए टैरिफ स्तरों से बहुत कम थे।