पाकिस्तान के नॉर्थ वजीरिस्तान जिले में मदरसे पर ड्रोन से हमला किया गया है। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह घटना मीर अली के पास हस्सू खेल गांव में हुई, जहां एक ड्रोन ने अल-फतेह पब्लिक हाई स्कूल को निशाना बनाया। अधिकारियों ने बताया कि हमले में स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए क्वाड-कॉप्टर ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। यह तरीका अब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की आम रणनीति बनता जा रहा है। धमाके में स्कूल के प्रिंसिपल समेत तीन स्टाफ सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
मदरसा पर ड्रोन से हमला
सूत्रों ने CNN-News18 को बताया कि जब मीर अली के अस्पताल से रेस्क्यू 1122 की टीम घायलों को बचाने के लिए घटनास्थल पर पहुंची, तो उस पर भी ड्रोन से हमला किया गया। बताया गया कि हमलावरों ने रेस्क्यू टीम को निशाना बनाते हुए दूसरा हमला किया, जिसमें कई राहतकर्मी घायल हो गए। लगातार हुए इन हमलों के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी संख्या में टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया गया, ताकि हमलावरों का पता लगाया जा सके और हालात पर काबू पाया जा सके।
सूत्रों का कहना है कि यह घटना उस सोच को दिखाती है, जिसे वे “खारजियों का तथाकथित जिहाद” बताते हैं। स्थानीय सुरक्षा हलकों में यह शब्द उन कट्टरपंथी आतंकवादी समूहों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो धर्म के नाम पर आम लोगों और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी जगहों पर हमलों को सही ठहराने की कोशिश करते हैं। सूत्रों ने यह भी कहा कि हाल के सुरक्षा अभियानों के बाद ये तत्व काफी दबाव में हैं और बौखलाहट में अब सीधे आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। इससे साफ होता है कि वे डर और अराजकता फैलाने के लिए निर्दोष लोगों पर हमले कर रहे हैं।
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