Benjamin Netanyahu: नेतन्याहू गायब है या उनकी मौत हो गई? इजरायल के PMO का आ गया ऑफिशियल बयान, जानिए कैसे शुरू हुआ था पूरा विवाद

Netanyahu Missing Or Dead: सोशल मीडिया पर इजरायली पीएम को लेकर दावा ये किया जा रहा था कि, ईरानी हमले में वो गंभीर रूप से घायल हुए फिर उनकी मौत हो गई। हालांकि, पीएमओ ने मौत की अफवाहों का खंडन कर दिया है, लेकिन एक्सपर्ट्स और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच अभी भी बहस जारी है

अपडेटेड Mar 15, 2026 पर 7:38 AM
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दावा ये किया जा रहा था कि, ईरानी हमले में नेतन्याहू गंभीर रूप से घायल हुए फिर उनकी मौत हो गई

Benjamin Netanyahu: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच सोशल मीडिया पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौत और उनकी हत्या की अफवाहों ने हड़कंप मचा दिया। दावा ये किया जा रहा था कि, ईरानी हमले में नेतन्याहू गंभीर रूप से घायल हुए फिर उनकी मौत हो गई। हालांकि, शनिवार को इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह 'फर्जी' करार दिया है।

कैसे शुरू हुई नेतन्याहू की मौत की अफवाह?

यह पूरा विवाद नेतन्याहू द्वारा 13 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के बाद शुरू हुआ। सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो के एक फ्रेम को पकड़ लिया, जिसमें नेतन्याहू जब पोडियम पर इशारा कर रहे थे, तो उनके दाहिने हाथ में छह उंगलियां नजर आ रही थीं। यूजर्स ने इसे 'क्लासिक AI फिंगर ग्लिच' बताते हुए दावा किया कि यह वीडियो असली नहीं बल्कि 'डीपफेक' है। लोगों ने सवाल उठाए कि क्या नेतन्याहू अब जीवित नहीं हैं और उनकी जगह AI द्वारा बनाया गया वीडियो इस्तेमाल किया जा रहा है?


इजरायल सरकार ने दिया स्पष्टीकरण

अफवाहें इतनी बढ़ गईं कि 'अनादोलु एजेंसी' की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू के कार्यालय को बयान जारी करना पड़ा। कार्यालय ने स्पष्ट किया कि नेतन्याहू के बारे में चल रही खबरें केवल 'फेक न्यूज' हैं और 'प्रधानमंत्री बिल्कुल ठीक हैं'। वही वीडियो के बारे में ये कहा गया कि, वो वीडियो 13 मार्च को ईरान के नए सर्वोच्च नेता को जवाब देने के लिए पोस्ट किया गया था। वीडियो में नेतन्याहू ने चेतावनी दी थी कि 'हम ईरान और हिजबुल्लाह को कुचल रहे हैं।'

वीडियो असली है या प्री-रिकॉर्डेड?

भले ही पीएमओ ने खंडन कर दिया है, लेकिन विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच अभी भी बहस जारी है। कुछ लोगों का मानना है कि वीडियो असली तो हो सकता है, लेकिन यह पहले से रिकॉर्ड किया गया था। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि कभी-कभी कैमरे के एंगल, मोशन ब्लर या वीडियो कम्प्रेशन की वजह से उंगलियां अजीब दिख सकती हैं, जिसे लोग गलती से AI मान लेते हैं।

बेंजामिन नेतन्याहू आखिरी बार 13 मार्च के वीडियो संबोधन में सार्वजनिक रूप से देखे गए थे। इजरायल-ईरान युद्ध के बीच इस तरह की सूचनाएं 'इन्फॉर्मेशन वॉर' का हिस्सा मानी जा रही हैं, जिसका उद्देश्य जनता के बीच भ्रम फैलाना है। इजरायल ने अपने नागरिकों और दुनिया से ऐसी अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है।

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