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ईरान-अमेरिका के 'मेगा डील' में क्या-क्या है? होर्मुज से लेकर तेल सप्लाई तक पूरा ड्राफ्ट सामने आ गया

US Iran Deal: इस डील के तहत ईरान जब जमीन पर कदम उठाएगा, तभी उसे प्रतिबंधों से राहत मिलेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप समर्थित यह ऐतिहासिक समझौता शुरुआती तौर पर 60 दिनों के लिए लागू होगा, जिसे दोनों देशों की सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकता है। अगर यह डील अंतिम रूप से साइन हो जाती है, तो...

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड May 24, 2026 पर 1:01 PM
ईरान-अमेरिका के 'मेगा डील' में क्या-क्या है? होर्मुज से लेकर तेल सप्लाई तक पूरा ड्राफ्ट सामने आ गया
इस समझौते के तहत अमेरिका ने 'रिलिफ फॉर परफॉर्मेंस' का सख्त फॉर्मूला अपनाया है

Trump-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम शांति समझौते का पूरा ड्राफ्ट सामने आ गया है। इस डील का मकसद मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के खतरे को टालना, वैश्विक तेल सप्लाई को सामान्य करना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दोबारा बातचीत शुरू करना है।

'एक्सियोस' की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप समर्थित यह ऐतिहासिक समझौता शुरुआती तौर पर 60 दिनों के लिए लागू होगा, जिसे दोनों देशों की सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकता है। अगर यह डील अंतिम रूप से साइन हो जाती है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था और मिडिल ईस्ट की शांति के लिए इस दशक का सबसे बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है।

क्या है इस डील का फॉर्मूला?

इस समझौते के तहत अमेरिका ने 'रिलिफ फॉर परफॉर्मेंस' का सख्त फॉर्मूला अपनाया है। इसका मतलब है कि ईरान जब जमीन पर कदम उठाएगा, तभी उसे प्रतिबंधों से राहत मिलेगी। समझौते के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

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