Crude Oil: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक बड़े संकट में डाल दिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में दुनिया कच्चे तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। दरअसल होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा व्यापारिक जहाजों पर लगातार किए जा रहे हमलों ने ग्लोबल सप्लाई चैन को ठप कर दिया है। यही वजह है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रही है।
'क्षेत्रीय अस्थिरता की कीमत चुकाएगी दुनिया'
ईरानी सैन्य कमांड के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फकारी ने अमेरिका को संबोधित करते हुए कहा कि तेल की कीमतें पूरी तरह से क्षेत्रीय सुरक्षा पर निर्भर करती हैं। उन्होंने साफ किया कि चूंकि इस क्षेत्र को अस्थिर किया गया है, इसलिए तेल की कीमतें $200 तक जा सकती हैं। इसके साथ ही, ईरान ने उन बैंकों को भी निशाना बनाने की धमकी दी है जो अमेरिका या इजरायल के साथ व्यापार कर रहे हैं।
होर्मुज में 'ब्लॉक' और जहाजों पर हमले
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है। युद्ध के कारण 28 फरवरी से ही यह मार्ग लगभग बंद पड़ा है। पिछले 24 घंटों में तीन और जहाजों को निशाना बनाया गया है। युद्ध शुरू होने से अब तक कुल 14 व्यापारिक जहाज हमलों का शिकार हो चुके हैं। थाईलैंड के एक जहाज में आग लग गई है, जिसके तीन नाविक अभी भी लापता हैं। वहीं, जापान और मार्शल आइलैंड्स के जहाजों को भी नुकसान पहुंचा है।
ईरान से लेना होगा 'परमिट'
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के एडमिरल अलीरेजा तंगसिरी ने घोषणा की है कि अब किसी भी जहाज को इस रास्ते से गुजरने के लिए ईरान से अनुमति लेनी होगी, अन्यथा उसे हमला करने का लक्ष्य मान लिया जाएगा। ईरान ने इस रास्ते पर दर्जनों समुद्री माइंस बिछा दी हैं और ड्रोन-मिसाइल हमलों से इस पूरे क्षेत्र को 'नो-गो जोन' बना दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों को गंभीरता से लिया है, लेकिन उन्होंने सैन्य कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका ने ईरान के 58 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है और ईरान की वायुसेना व कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका उस क्षेत्र पर पूरी तरह हावी है, लेकिन युद्ध तुरंत खत्म करने का कोई संकेत नहीं दिया है।
तेल भंडार खोलने की तैयारी
ऊर्जा के इस ऐतिहासिक संकट से निपटने के लिए दुनिया के बड़े देश एकजुट हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने कीमतों को स्थिर करने के लिए 40 करोड़ बैरल सामरिक तेल भंडार जारी करने की ऐतिहासिक सिफारिश की है। अमेरिका अगले हफ्ते से अपने रिजर्व से 17.2 करोड़ बैरल तेल जारी करेगा ताकि बाजार में सप्लाई की कमी को पूरा किया जा सके। G7 देशों ने जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए 'नेवी एस्कॉर्ट' का विकल्प भी तैयार रखा है।