Hindu murdered in Bangladesh: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर जारी अत्याचार के बीच एक और हिंदू युवक की कथित हत्या कर नदी में फेंकने की खबर सामने आई है। मंगलवार (20 जनवरी) को स्थानीय मीडिया रिपोर्ट ने बताया कि शनिवार को बांग्लादेश के नौगांव जिले में एक नदी से एक कॉलेज छात्र का शव बरामद किया गया। 'द डेली अग्रजात्रा प्रतिदिन' के अनुसार, शव शनिवार दोपहर को नौगांव शहर में कालीतला श्मशान घाट के पास एक नदी में मिला। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बाद में शव की पहचान जिले के एक सरकारी कॉलेज के मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के छात्र अभि के रूप में हुई। वह अपने ऑनर्स कोर्स के चौथे साल में पढ़ रहा था। न्यूज 18 ने रिपोर्ट्स के वाले से बताया कि अभि बोगरा जिले के आदमदिघी उपजिला के संताहार के रहने वाले रमेश चंद्र का बेटा था। उसके परिवार ने बताया कि 11 जनवरी को घर में झगड़े के बाद वह घर से निकला था और तब से लापता था।
उसका परिवार से उसे पिछले सात दिनों से ढूंढ रहा था। शव मिलने के बाद यह खबर सोशल मीडिया पर फैल गई, जिसके बाद अभि का परिवार नदी किनारे पहुंचा। रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवार के सदस्यों ने उन कपड़ों के आधार पर शव की पहचान की, जो उसने घर से निकलते समय पहने थे। सोशल मीडिया पर अभि के शव का वीडियो भी सामने आया है।
अभि की मौत के कारण अभी भी साफ नहीं हैं। परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने मौत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मौत को हादसा मानने से इनकार कर दिया। परिवार ने हत्या की साजिश की आशंका जताई है। अभि के पिता ने स्थानीय मीडिया को बताया कि परिवार ने रिश्तेदारों के घरों और दूसरी संभावित जगहों पर तलाशी ली थी। लेकिन जब वे उसे ढूंढ नहीं पाए, तो उन्होंने आदमदिघी पुलिस स्टेशन में एक जनरल डायरी दर्ज कराई।
नौगांव सदर पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज नियामुल इस्लाम ने कहा कि शव को पोस्ट-मॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। 'द डेली अग्रजात्रा प्रतिदिन' के अनुसार, उन्होंने कहा कि ऑटोप्सी रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारण का पता चलेगा। यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच हुई है।
भारत ने हिंदुओं की हत्या पर जताया विरोध
इस साल 9 जनवरी को भारत ने ढाका पर दबाव डाला कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों से तेजी से निपटे। भारत ने घटनाओं को बाहरी कारणों से जोड़ने के प्रयासों को चिंताजनक बताया था। पिछले कुछ हफ्तों में बांग्लादेश में कई हिंदुओं की हत्या की पृष्ठभूमि में भारत ने यह प्रतिक्रिया दी थी।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के कार्यालय द्वारा जारी बयान में आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड की एक साल की समीक्षा का हवाला देते हुए कहा गया है कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच समूचे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़ी कुल 645 घटनाएं दर्ज की गई।
इसमें कहा गया है, "हालांकि हर घटना चिंता का विषय है, लेकिन आंकड़े एक स्पष्ट और साक्ष्य-आधारित तस्वीर पेश करते हैं। अधिकांश मामले सांप्रदायिक प्रकृति के बजाय आपराधिक प्रकृति के थे।" बयान के अनुसार, 645 घटनाओं में से 71 में सांप्रदायिक तत्व पाए गए।
इनमें मंदिर में तोड़फोड़ के 38 मामले, आगजनी के 8 मामले, चोरी का एक मामला, हत्या का एक मामला और मूर्तियों को तोड़ने की धमकी, सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और पूजा स्थलों को नुकसान पहुंचाने जैसी 23 अन्य घटनाएं शामिल थीं। बयान में कहा गया है कि इनमें से 50 घटनाओं में पुलिस मामले दर्ज किए गए। इतनी ही संख्या में गिरफ्तारियां की गई। जबकि 21 मामलों में अन्य कार्रवाई किए गए।
शेष 574 घटनाएं धर्म से असंबद्ध आपराधिक या सामाजिक विवादों से जुड़ी थीं। इनमें इलाके के विवाद (51), भूमि से संबंधित संघर्ष (23), चोरी (106), व्यक्तिगत दुश्मनी (26), बलात्कार (58) और अप्राकृतिक मौत के 172 मामले शामिल हैं। पुलिस ने इस कैटेगरी में 390 मामले दर्ज किए। जबकि अप्राकृतिक मृत्यु की 154 रिपोर्ट दर्ज की और 498 गिरफ्तारियां की। साथ ही 30 घटनाओं में अतिरिक्त उपाय किए गए।