Davos 2026: 'साल 2024 में 60 युद्ध हुए, उनमें कुछ फिक्स थे'; दावोस में ग्रीनलैंड और टैरिफ को लेकर ट्रंप पर बरसे मैक्रों, तंज भी कसा

World Economic Forum 2026: फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि कोई भी देश किसी दूसरे देश की संप्रभुता पर हमला नहीं कर सकता। ग्रीनलैंड को लेकर उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मैक्रों ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसा

अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 10:45 PM
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World Economic Forum 2026: मैक्रों ने ट्रंप की धमकियों का जवाब उसी आक्रामकता से देने की सोच को 'पागलपन' का नाम दिया

World Economic Forum 2026: फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार (20 जनवरी) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि यह 'शांति और स्थिरता' का समय है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में बोलते हुए मैक्रों ने ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे वाली धमकी और फ्रांसीसी शराब पर 200% टैरिफ लगाने की चेतावनी पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने ट्रंप की धमकियों का जवाब उसी आक्रामकता से देने की सोच को पागलपन करार दिया। राष्ट्रपति ने नए उपनिवेशवाद को बढ़ावा देने की ललक को सिरे से खारिज कर दिया।

मैक्रों ने कहा कि कोई भी देश किसी दूसरे देश की संप्रभुता पर हमला नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए। मैक्रों ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, "यह शांति, स्थिरता और पूर्वानुमान का समय है...।" इससे पूरे हॉल में हंसी गूंज उठी। इसके बाद उन्होंने तुरंत दुनिया में बढ़ती अस्थिरता और असंतुलन की ओर इशारा किया। उन्होंने यह भी कहा कि हमें यूरोप में कुछ खास सेक्टर में और अधिक चीन के डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट की जरूरत है।

हालांकि, मैक्रों ने सीधे तौर पर ट्रंप का नाम नहीं लिया। लेकिन उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति पर परोक्ष रूप से जमकर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि 2024 में 60 से अधिक युद्ध हुए थे। मैक्रों ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "भले ही मुझे पता चला कि उनमें से कुछ फिक्स थे।" यह टिप्पणी तब आई है जब मैक्रों के गाजा के लिए अपने तथाकथित 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने से इनकार करने पर ट्रंप ने फ्रांसीसी वाइन पर 200 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दी थी।


अब यूरोपीय देश भी जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय संघ पर दबाव बनाने की कोशिश के तहत फ्रांस सहित आठ देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। मैक्रों ने कहा, "कोई भी देश किसी दूसरे देश की संप्रभुता पर हमला नहीं कर सकता। यूरोपीय संघ को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए।" मंगलवार को ही ट्रंप ने ट्रुथ पोस्ट के जरिए मैक्रों की आलोचना करते हुए उनके निजी मैसेज लीक कर दिए थे। यह विवाद यूरोप-अमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ा रहा है। इसमें टैरिफ्स, ग्रीनलैंड की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियम शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ता है कि हम बेजा आक्रामकता पर जवाब दें। EU को अमेरिकी टैरिफ धमकियों की बेजा आक्रामकता पर जवाब देना पड़े, यह सोचना भी पागलपन है। सवाल-जवाब सेशन में मैक्रों ने यूरोप के सरलीकरण एजेंडा को आगे बढ़ाने की जरूरत के बारे में बात की। साथ ही उन्होंने यूक्रेन जैसे दूसरे अहम मुद्दों पर भी बात की।

मैक्रों ने कहा, "सहयोगियों के बीच टैरिफ लगाना और बंटे रहना... और अब अतिरिक्त टैरिफ की धमकी देना समझदारी नहीं है। यह सोचना कि EU अपने सहयोगी अमेरिका पर अपने एंटी-कोअरशन इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल कर सकता है.. पागलपन है। मुझे इसका अफसोस है, लेकिन यह सिर्फ अप्रत्याशित और बेजा आक्रामकता का नतीजा है।"

'नए साम्राज्यवाद या उपनिवेशवाद' को खारिज करते हुए मैक्रों ने कहा, "अजीब विचारों में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। पेंडोरा बॉक्स ( कुछ ऐसा करना जिससे अनेपक्षित समस्याएं पैदा हों) या नए विषयों पर बात नहीं की जानी चाहिए। यह नए साम्राज्यवाद या उपनिवेशवाद का समय नहीं है। यह ग्रोथ, पीस, क्लाइमेट की दिशा में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने समय है।"

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