India-EU Trade Deal: यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार (20 जनवरी) को कहा कि भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) अगले हफ्ते एक समिट में "ऐतिहासिक व्यापार समझौते" की घोषणा करने के बेहद करीब हैं। डेर ने कहा कि यह समझौता लगभग 2 अरब लोगों के बाजार को जोड़ेगा और ग्लोबल GDP के एक चौथाई हिस्से को कवर करेगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' भी कहते हैं।
EU की कार्यकारी शाखा यूरोपियन कमीशन की प्रमुख वॉन डेर लेयेन ने स्विट्जरलैंड के दावोस (Davos 2026) में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की सालाना बैठक में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत और EU के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) एक ऐतिहासिक अवसर होगा।
उन्होंने कहा कि यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और सबसे डायनामिक बाजारों में से एक में पहला कदम उठाने का फायदा देगा। वॉन डेर लेयेन ने कहा, "दावोस के ठीक बाद अगले ही वीकेंड मैं भारत जा रही हूं। हालांकि अभी भी कुछ काम बाकी है। लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बिल्कुल करीब हैं। कुछ लोगों ने तो इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स (सबसे महत्वपूर्ण व्यापार समझौता)' भी कहा है। यह एक ऐसा समझौता होगा जो लगभग 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा, जो ग्लोबल GDP का लगभग एक चौथाई हिस्सा होगा।"
वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा के साथ भारत में रहेंगी। दोनों नेता गणतंत्र दिवस (26जनवरी) समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक समिट बैठक भी करेंगे। FTA के अलावा, उम्मीद है कि इस समिट में दोनों पक्ष एक रक्षा फ्रेमवर्क समझौते और 2026-2030 के लिए एक रणनीतिक एजेंडा को अंतिम रूप देंगे।
प्रस्तावित सिक्योरिटी एंड डिफेंस पार्टनरशिप (SDP) दोनों पक्षों के बीच गहरे रक्षा और सुरक्षा सहयोग को सक्षम बनाएगी। साथ ही भारतीय कंपनियों को EU के सिक्योरिटी एक्शन फॉर यूरोप (SAFE) कार्यक्रम में भाग लेने के अवसर प्रदान करेगी।
वॉन डेर लेयेन ने ग्लोबल जियोपॉलिटिकल चुनौतियों पर भी जोर दिया। इसमें कहा गया कि रूस-यूक्रेन युद्ध, एनर्जी सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजिकल कॉम्पिटिशन जैसे मुद्दे EU के लिए प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप ने ऊर्जा, कच्चे माल, रक्षा और डिजिटल सेक्टर में तेजी से कदम उठाए हैं। अब स्थायी बदलाव को अपनाकर इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।
भारत और यूरोपियन यूनियन 2004 से स्ट्रेटेजिक पार्टनर हैं। दोनों देशों के बीच FTA पर बातचीत सबसे पहले 2007 में शुरू हुई थी। लेकिन 2013 में इसे निलंबित कर दिया गया था। बातचीत जून 2022 में फिर से शुरू हुई। अब दोनों पक्ष व्यापार, निवेश, रक्षा और टेक्नोलॉजिकल सहयोग को कवर करने वाले एक व्यापक समझौते तक पहुंचने के अंतिम चरण में हैं।