सऊदी अरब पर भयंकर हमला! तेल डिपो से लेकर एयरपोर्ट तक... हूती विद्रोहियों के अटैक से तबाही

Houthi strikes in Saudi Arabia Aramco: यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र में बड़ा हमला बोलते हुए तेल दिग्गज कंपनी 'अरामको' के ठिकानों, अभा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद कई तेल संयंत्रों में भीषण आग लग गई और 73 लोग घायल हो गए हैं। हूतियों का दावा है कि उन्होंने यह हमला यमन में हुई सऊदी एयरस्ट्राइक के जवाब में किया है

अपडेटेड Sep 08, 2026 पर 4:48 PM
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इन हमलों के कारण कई जगहों पर भीषण आग लग गई और 73 लोग घायल हो गए हैं

Houthi Strikes in Saudi Arabia: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी इलाके पर सिलसिलेवार बड़ा हमला किया है। इस हमले में सऊदी अरब की तेल दिग्गज कंपनी अरामको के ठिकानों, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और मिलिट्री एयरबेस को निशाना बनाया गया है।

सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों के कारण कई जगहों पर भीषण आग लग गई और 73 लोग घायल हो गए हैं। हूती विद्रोहियों ने धमकी दी है कि वे आने वाले दिनों में सऊदी अरब के अंदर और भी बड़े ऑपरेशन को अंजाम देंगे।

7 प्वाइंट्स में समझिए सऊदी अरब में क्या हुआ, हूती विद्रोहियों ने हमला क्यों किया और इसका दुनिया पर क्या असर पड़ेगा।


1. क्या हुआ सऊदी अरब में?

हूती विद्रोहियों ने मंगलवार तड़के सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में एक साथ कई ऊर्जा, सैन्य और नागरिक ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए। हमले के बाद कई तेल प्रतिष्ठानों में आग लग गई, जिससे वहां कामकाज अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ। सऊदी जॉइंट फोर्सेज कमान ने पुष्टि की है कि इन हमलों में 73 नागरिक घायल हुए हैं।

2. कौन-कौन से बड़े ठिकाने बने निशाना?

हूतियों ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम ठिकानों को चुना:

  • अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Abha International Airport)
  • किंग खालिद एयरबेस (King Khalid Air Base)
  • अरामको के तेल ठिकाने (Abha & Jazan Aramco Facilities)

सैन्य और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को एक साथ निशाना बनाकर हूतियों ने सऊदी अरब की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों पर चोट करने की कोशिश की है।

3. अरामको के तेल ठिकानों में लगी आग

सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी 'अरामको' के ठिकानों पर हमले के बाद कई जगह आग की लपटें दिखाई दीं। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि आग पर काबू पाने, नुकसान का आकलन करने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कामकाज को दोबारा बहाल करने के लिए इमरजेंसी टीमें तैनात कर दी गई हैं।

4. जाजान रिफाइनरी पहले से थी ठप

जाजान स्थित अरामको की रिफाइनरी की क्षमता रोजाना 4,00,000 बैरल तेल प्रोसेस करने की है। लेकिन यह रिफाइनरी जुलाई में हुए पिछले हूती हमले के बाद से ही बंद पड़ी है। हूतियों ने पिछले महीने भी इस कॉम्प्लेक्स पर दो बार हमले का दावा किया था, जिसमें रिफाइनरी में आग लग गई थी।

5. हमले में कितने लोग घायल हुए?

सऊदी अधिकारियों के अनुसार, अब तक 73 नागरिकों के घायल होने की खबर है। सऊदी नीत सैन्य गठबंधन ने इन हमलों को गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि वे इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।

6. क्यों हमला कर रहे हैं हूती विद्रोही?

हूती विद्रोहियों का दावा है कि यह हमला उन्होंने सऊदी अरब की ओर से यमन में की गई एयरस्ट्राइक के जवाब में किया है।

जेल पर एयरस्ट्राइक का आरोप: हूतियों ने आरोप लगाया था कि सऊदी अरब ने उत्तरी यमन के अल-जौफ प्रांत में एक जेल पर बमबारी की, जिसमें कई लोग मारे गए।

सैन्य प्रवक्ता की चेतावनी: हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सरी (Yahya Saree) ने कहा कि सऊदी अरब का हमला तनाव बढ़ाने वाला था और अब वे सऊदी अरब के अंदर "बड़ा ऑपरेशन" चलाकर इसका जवाब देंगे।

7. बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य क्यों है इतना अहम?

यह पूरा तनाव यमन में फिर से शुरू हुई जंग के बीच बढ़ रहा है, जहां हूती विद्रोही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंडेब स्ट्रैट (जलडमरूमध्य) पर अपना दबदबा बढ़ाना चाहते हैं।

यह समुद्री रास्ता अदन की खाड़ी को लाल सागर से जोड़ता है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक है।

अमेरिका-ईरान तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग पहले से ही प्रभावित है, ऐसे में बाब अल-मंडेब का रास्ता सऊदी अरब और वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद संवेदनशील हो गया है।

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