अमेरिका को कितना महंगा पड़ रहा ईरान युद्ध? दो हफ्तों में ही $800 मिलियन का नुकसान

ईरान के हवाई हमलों से पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को दो हफ्तों में करीब 800 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। रडार और सैन्य ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा है। युद्ध की कुल लागत तेजी से बढ़ती दिख रही है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Mar 22, 2026 पर 4:09 PM
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ईरान के हमलों का मुख्य निशाना अमेरिका के महंगे सैन्य सिस्टम रहे हैं।

ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका से जुड़े सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इससे युद्ध के पहले दो हफ्तों में अमेरिका को करीब 800 मिलियन डॉलर (लगभग 7500 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है। यह अनुमान BBC के एक एनालिसिस में सामने आया है। इसमें Center for Strategic and International Studies (CSIS) की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है।

अगर तुलना के लिए देखें, तो ये पैसे एक मिड-साइज एक्सप्रेसवे की लागत के बराबर हैं। आईपीएल में गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स जैसी नई टीमों की कीमत करीब 7,000 करोड़ रुपये रही थी। यानी इतनी बड़ी रकम अमेरिका युद्ध के शुरुआती दो हफ्तों में ही गंवा चुका है।

पूरे नुकसान का आंकड़ा अभी नहीं


यह नुकसान मुख्य रूप से 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई का नतीजा है। कुल नुकसान का पूरा आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन शुरुआती अनुमान यह संकेत देता है कि अगर युद्ध लंबा चला तो इसकी आर्थिक कीमत बहुत ज्यादा हो सकती है।

CSIS रिपोर्ट के सह लेखक मार्क कैंशियन के अनुसार, क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। उनके मुताबिक नुकसान काफी बड़ा लगता है, लेकिन असली आंकड़ा तब ही साफ होगा जब और जानकारी सामने आएगी।

महंगे सैन्य सिस्टम बने मुख्य निशाना

BBC के विश्लेषण के अनुसार ईरान के हमलों का मुख्य निशाना अमेरिका के महंगे सैन्य सिस्टम रहे हैं। खास तौर पर रडार और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम को ज्यादा नुकसान पहुंचा है।

जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी एयर बेस पर Terminal High Altitude Area Defense यानी THAAD सिस्टम के रडार को भारी नुकसान हुआ है। CSIS के मुताबिक सिर्फ इस रडार की कीमत ही करीब 485 मिलियन डॉलर है।

इसके अलावा पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी एयर बेस के भवनों और अन्य ढांचों को भी लगभग 310 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात और खाड़ी क्षेत्र के अन्य ठिकानों पर भी इसी तरह के सिस्टम को निशाना बनाया। सैटेलाइट तस्वीरों में इन जगहों पर बड़े नुकसान के संकेत दिखाई दिए हैं। हालांकि सही लागत का पूरा अनुमान अभी सामने नहीं आया है।

सैटेलाइट तस्वीरों में बार बार हमले के संकेत

BBC ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर यह भी पाया कि युद्ध के अलग अलग चरणों में ईरान ने कई अमेरिकी ठिकानों पर बार बार हमले किए। इनमें कुवैत का Ali Al-Salim Air Base, कतर का Al-Udeid Air Base और सऊदी अरब का Prince Sultan Air Base शामिल हैं। तस्वीरों में इन ठिकानों पर रडार सिस्टम और अन्य ढांचे को हुए ताजा नुकसान साफ दिखाई देते हैं।

बहरीन में स्थित एक अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर दो रडोम नष्ट हो गए। रडोम ऐसे सुरक्षात्मक ढांचे होते हैं जिनके अंदर संवेदनशील संचार उपकरण रखे जाते हैं। BBC के मुताबिक यहां अहम सिस्टम को नुकसान पहुंचने की संभावना काफी ज्यादा है।

हालांकि अमेरिकी सैटेलाइट इमेज देने वाली कंपनियों पर लगे कुछ प्रतिबंधों के कारण पूरे नुकसान का सही आकलन करना अभी मुश्किल है।

जानमाल का हो रहा भारी नुकसान

इन्फ्रास्ट्रक्चर के नुकसान के अलावा इस संघर्ष में जानमाल का नुकसान भी हुआ है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक अमेरिका के 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है। Human Rights Activists News Agency के अनुमान के मुताबिक कुल मृतकों की संख्या करीब 3,200 तक पहुंच चुकी है। इनमें लगभग 1,400 नागरिक शामिल हैं।

युद्ध की आर्थिक लागत भी तेजी से बढ़ रही है। BBC के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि युद्ध के पहले 6 दिनों में लगभग 11.3 अरब डॉलर खर्च हुए। वहीं पहले 12 दिनों में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 16.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया। अमेरिकी रक्षा विभाग ने युद्ध के लिए अतिरिक्त 200 अरब डॉलर की मांग की है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संकेत दिया है कि यह रकम आगे और बढ़ सकती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य से बढ़ा तनाव

ईरान ने हवाई हमलों के अलावा एक और बड़ा कदम उठाते हुए Strait of Hormuz को भी बंद कर दिया है। यह दुनिया का एक बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है।

इस कदम से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और यह भी अनिश्चित हो गया है कि युद्ध कितने समय तक चलेगा और कितना फैल सकता है। इससे यह अटकलें भी लग रही हैं कि अमेरिका इस जलमार्ग को दोबारा खोलने के लिए जमीनी सेना भेज सकता है।

युद्ध की कीमत और बढ़ सकती है

800 मिलियन डॉलर के शुरुआती नुकसान का यह अनुमान दिखाता है कि क्षेत्र में मौजूद महंगे सैन्य ढांचे कितने संवेदनशील हैं। साथ ही, युद्ध चलाने की लागत कितनी तेजी से बढ़ सकती है। बार बार हमले, बढ़ती मौतें और तेजी से बढ़ता सैन्य खर्च यह संकेत देते हैं कि संघर्ष का शुरुआती चरण ही अमेरिका के लिए आर्थिक और रणनीतिक रूप से काफी महंगा साबित हो रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह अभियान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'हम ईरान में बेहद अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।' हालांकि ईरान के जवाबी हमले जारी हैं और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। इसलिए इस युद्ध की दिशा और इसकी अंतिम कीमत अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

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