इमरान खान पर पत्रकार के दावे की सच्चाई क्या है? पाकिस्तान में मची खलबली के बीच सेना ने जारी किया ये बयान

Imran Khan Death Rumours Pakistan Army: पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की मौत की खबर से अचानक हड़कंप मच गया! अमेरिका से उठी इस अफवाह के बाद बात इतनी बिगड़ गई कि आखिरकार पाकिस्तानी सेना को सामने आकर बड़ा बयान देना पड़ा। जानिए जेल के भीतर का सच, क्यों उड़ी मौत की अफवाह और क्या कह रहे हैं खान के पारिवारिक सूत्र

अपडेटेड Aug 13, 2026 पर 3:27 PM
अडियाला जेल में रखे गए इमरान खान को उनके परिवार, निजी डॉक्टरों और कानूनी टीम को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है

Imran Khan Death Rumours: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई प्रमुख इमरान खान की मौत की खबरों को लेकर देश-विदेश में अचानक हड़कंप मच गया। एक अमेरिकी-पाकिस्तानी पत्रकार के दावे के बाद यह अफवाह इतनी तेजी से फैली कि आखिरकार पाकिस्तान की सेना को सामने आकर आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा।

रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान को लेकर उठे इस बड़े विवाद, सेना की सफाई और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी हर एक बारीकी जानिए।

क्या था पत्रकार का दावा और फिर क्या हुआ?


इस पूरे संकट की शुरुआत अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानी खोजी पत्रकार वजाहत सईद खान के दो वीडियो प्रसारणों से हुई, जिनका शीर्षक था- 'Is Khan still with us?' यानी क्या खान साहब हमारे बीच हैं? और 'What happens after Khan'।

पत्रकार ने दावा किया कि उनकी रावलपिंडी स्थित पाकिस्तान सेना के जनरल हेडक्वार्टर (GHQ), मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) और C4I डायरेक्टरेट के तीन वरिष्ठ अधिकारियों से बात हुई थी, जो यह आशंका जता रहे थे कि इमरान खान अपनी बैरक में जिंदा नहीं हैं।

बाद में पत्रकार ने स्पष्ट किया कि उनके पास मौत का कोई लिखित प्रमाण नहीं था, लेकिन जेल में रखी गई असाधारण गोपनीयता के कारण सेना के शीर्ष अधिकारियों में भी यह गहरा डर था कि कहीं कुछ अनहोनी न हो गई हो।

पत्रकार का कहना था कि इस रिपोर्टिंग का मकसद आधिकारिक कहानी को चुनौती देना और सेना को 'प्रूफ ऑफ लाइफ' यानी जिंदा होने का सबूत देने पर मजबूर करना था।

पाकिस्तान सेना की दुर्लभ सफाई और परिवार का बयान

अफवाहों के कारण पाकिस्तान में व्यापक राजनीतिक अशांति और जनता में बढ़ते गुस्से को देखते हुए सेना की मीडिया विंग ISPR को तुरंत बयान जारी करना पड़ा। ISPR ने इमरान खान की मौत की खबरों को पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और सुनियोजित दुष्प्रचार करार दिया और पुष्टि की कि वे अदियाला जेल में जीवित और हिरासत में हैं।

इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के रिश्तेदारों ने बताया कि जेल दौरे के दौरान उन्हें अडियाला जेल के आंतरिक सीसीटीवी मॉनिटर पर इमरान खान को अपने पैरों पर चलते हुए दिखाया गया, जिससे उनकी मौत की अफवाहों पर विराम लगा।

इमरान खान की सेहत पर क्यों गहराया है संकट?

भले ही मौत की अफवाहें खारिज हो गई हों, लेकिन इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े बने हुए हैं:

एक आंख की रोशनी में गिरावट: अडियाला जेल में सख्त एकांत कारावास में रखे गए इमरान खान गंभीर रूप से अनियंत्रित ब्लड प्रेशर और एक आंख की रोशनी में बड़ी गिरावट से जूझ रहे हैं।

इलाज और वकीलों से दूरी: उनके परिवार, निजी डॉक्टरों और कानूनी टीम को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेष रिपोर्टर और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी उनकी जेल स्थितियों को अमानवीय बताया है।

जेल का सैन्यीकरण: अडियाला जेल की सुरक्षा पूरी तरह से सैन्य खुफिया इकाइयों के हाथ में दे दी गई है और चारों तरफ एडवांस्ड सर्विलांस उपकरण लगाए गए हैं।

पीटीआई ने दी देशव्यापी विरोध की चेतावनी

इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाया है। पीटीआई के केंद्रीय सूचना सचिव शेख वकास अकरम ने सरकार और सेना पर जानबूझकर 'सूचना का ब्लैकआउट' बनाए रखने का आरोप लगाया। पार्टी ने मांग की है कि इमरान खान के निजी डॉक्टरों और बहनों को तुरंत जांच की अनुमति दी जाए, वरना देश भर के लाखों समर्थक रावलपिंडी की ओर मार्च करेंगे। पीटीआई की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर स्वास्थ्य और मानवाधिकारों के उल्लंघन पर तत्काल सुनवाई की मांग की है।

इमरान खान अडियाला जेल कैसे पहुंचे?

इमरान खान और पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान के बीच यह टकराव काफी पुराना है। सैन्य नेतृत्व से मतभेदों के बाद संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए अप्रैल 2022 में इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था। 9 मई 2023 में इमरान खान की पहली गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने जीएचक्यू रावलपिंडी और कोर कमांडर हाउस लाहौर जैसे सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिसके बाद सेना ने पीटीआई पर भारी कार्रवाई की।

अगस्त 2023 में तोशाखाना मामले में सजा सुनाई गई। इसके बाद से इमरान खान जेल में हैं। इसके बाद अल-कादिर ट्रस्ट मामले (14 साल) समेत कई मामलों में उन्हें सजा सुनाई गई।

फिलहाल सेना के आधिकारिक बयान ने मौत की अफवाहों को अस्थायी रूप से तो शांत कर दिया है, लेकिन क्या इमरान खान को नवाज शरीफ की तरह मेडिकल ग्राउंड पर रिहाई मिलेगी, यह सुप्रीम कोर्ट के रुख और पर्दे के पीछे होने वाली राजनीतिक वार्ताओं पर निर्भर करेगा।

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