Imran Khan: तोशाखाना मामले में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा सुनाए जाने के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक उबाल आ गया है। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने देशव्यापी हड़ताल और सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है। पार्टी ने इसे इमरान खान को रिहा कराने के लिए एक 'अंतिम संवैधानिक धक्का' करार दिया है।
PTI के इस 'शटडाउन' कॉल ने पाकिस्तान में राजनीतिक अनिश्चितता को चरम पर पहुंचा दिया है। बड़े शहरों में यातायात और दैनिक जीवन के अस्त-व्यस्त होने की आशंका है। हालांकि सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी बड़े उपद्रव को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।
'हर सड़क और गली कर देंगे जाम'
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि, इमरान खान के सीधे निर्देश पर यह आंदोलन शुरू किया जा रहा है। गंडापुर ने कहा, 'बहुत हो गया, अब सड़कों पर उतरने का समय है।' अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो PTI पाकिस्तान की हर सड़क और गली को जाम कर देगी। उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ता इस बड़े आंदोलन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
निर्णायक नतीजे तक जारी रहेगा प्रदर्शन
PTI के नेताओं ने साफ कर दिया है कि इस बार वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक कि 'निर्णायक राजनीतिक परिणाम' हासिल नहीं हो जाते। PTI नेता सोहेल अफरीदी ने कहा कि पार्टी लंबे संघर्ष के लिए तैयार है और कार्यकर्ताओं को सड़कों पर डटे रहने का निर्देश दिया गया है। पार्टी का लक्ष्य सार्वजनिक दबाव के माध्यम से 'संस्थागत जवाबदेही' सुनिश्चित करना और इमरान खान की रिहाई के लिए सरकार को मजबूर करना है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इमरान खान की सजा के बाद से पूरे पाकिस्तान में पार्टी कार्यकर्ता एकजुट और आक्रोशित हैं।
क्या है इमरान की सजा का मामला?
इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की आदियाला जेल में बंद है। हालिया सजा उन्हें सऊदी अरब से मिले कीमती 'बुल्गारी' ज्वेलरी सेट को कम कीमत पर खरीदने और अवैध रूप से रखने के आरोप में दी गई है। इमरान ने इन सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।