9/11 से पहले ही ओसामा बिन लादेन की 'हिट लिस्ट' में था भारत! अमेरिकी खुफिया एजेंसी का सनसनीखेज दावा

Osama Bin Laden News: अमेरिकी खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के जारी किए गए दस्तावेजों से पता चला है कि भारत उन देशों की लिस्ट में शामिल है जिन पर अल-कायदा के सरगना और खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन ने कभी हमला करने के बारे में सोचा था

अपडेटेड Sep 13, 2026 पर 9:19 AM
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CIA ने बिन लादेन से जुड़े 70 से ज्यादा प्रेसिडेंशियल इंटेलिजेंस ब्रीफ़ (राष्ट्रपति के लिए खुफिया जानकारी) जारी किए हैं

Osama Bin Laden News: 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमले से पहले ही भारत आतंकवादी संगठन अल-कायदा के सरगना और खूंखार पाकिस्तानी आतंकी ओसामा बिन लादेन के निशाने पर था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) द्वारा सार्वजनिक किए गए गोपनीय दस्तावेजों से यह बड़ा खुलासा हुआ है। दस्तावेजों के मुताबिक, बिन लादेन कई देशों में आतंकी हमले कराने की योजना पर विचार कर रहा था, जिसमें भारत भी शामिल था। CIA ने 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर बिन लादेन से जुड़े 70 से ज्यादा प्रेसिडेंशियल इंटेलिजेंस ब्रीफ जारी किए हैं।

इनमें 100 से अधिक पन्नों की खुफिया जानकारी शामिल है। ये दस्तावेज 1998 से लेकर 2001 तक की अवधि से जुड़े हैं। ये बताते हैं कि अमेरिका को उस दौर में बिन लादेन और अल-कायदा के संभावित हमलों को लेकर लगातार चेतावनियां मिल रही थीं। 1998 के प्रेसिडेंशियल ब्रीफ में बताया गया है कि बिन लादेन भारत समेत कई देशों पर हमले करना चाहता था।

1998 के दस्तावेज में भारत का जिक्र


CIA द्वारा जारी दस्तावेजों में 28 अगस्त 1998 की एक प्रेसिडेंशियल ब्रीफ बेहद महत्वपूर्ण है। इसका शीर्षक Bin Ladin Terrorist Network Still a Threat (बिन लादेन का आतंकवादी नेटवर्क अभी भी एक खतरा है) था। इस खुफिया रिपोर्ट में बताया गया था कि ओसामा बिन लादेन कई देशों में हमले करवाना चाहता था।

भारत के साथ ये नाम भी थे शामिल

लिस्ट में भारत, पाकिस्तान, मिस्र, कुवैत, सऊदी अरब, यमन और युगांडा का नाम शामिल था। रिपोर्ट में संभावित रूप से नाइजीरिया का भी जिक्र किया गया था। हालांकि, दस्तावेज के कुछ हिस्से अभी भी ब्लैकआउट यानी रेडैक्ट किए गए हैं। इसमें भारत के किसी खास शहर, संस्थान या व्यक्ति को संभावित निशाना बताए जाने की जानकारी नहीं है। साथ ही किसी संभावित हमले की निश्चित तारीख या विस्तृत ऑपरेशनल प्लान का भी जिक्र नहीं किया गया है।

60 देशों में नेटवर्क का इस्तेमाल करने की तैयारी

रिपोर्ट के मुताबिक, बिन लादेन अफगानिस्तान में बैठे अपने सहयोगियों और आतंकी नेटवर्क के जरिए दुनिया के कई हिस्सों में हमले कराने की क्षमता रखता था। CIA के आकलन में कहा गया था कि अल-कायदा प्रमुख कम से कम 60 देशों में मौजूद लोगों और सहयोगी संगठनों के नेटवर्क का इस्तेमाल आतंकी हमलों के लिए कर सकता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पूर्वी एशिया में बिन लादेन का पहले से मौजूद नेटवर्क इस बात को विश्वसनीय बनाता था कि वह इन क्षेत्रों में अमेरिकी हितों को भी निशाना बना सकता है।

अमेरिकी हमलों के बाद भी कायम था अल-कायदा नेटवर्क

दस्तावेज के अनुसार, अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान में अल-कायदा के ठिकानों पर मिसाइल हमले किए जाने के बावजूद बिन लादेन और उसके साथ मौजूद अन्य आतंकी नेता बच गए थे। CIA का आकलन था कि उनका कम्युनिकेशन नेटवर्क अभी भी एक्टिव था। कुछ आतंकी ट्रेनिंग शिविरों में गतिविधियां दोबारा शुरू हो गई थीं। जबकि कुछ अन्य कैंपों को दूसरी जगहों पर ले जाया जा रहा था। रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई थी कि बिन लादेन अमेरिका के साथ-साथ ब्रिटेन के खिलाफ भी नए हमले कराने की कोशिश कर सकता है।

9/11 से पहले अमेरिका को मिल रही थीं लगातार चेतावनियां

CIA द्वारा जारी इन दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि अमेरिकी राष्ट्रपतियों को 1998 से 2001 के बीच बिन लादेन और अल-कायदा के खतरे को लेकर कई बार खुफिया जानकारी दी गई थी। इन प्रेसिडेंशियल ब्रीफ का सिलसिला बिल क्लिंटन के राष्ट्रपति कार्यकाल से शुरू होकर जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल तक पहुंचता है।

CIA ने दस्तावेज जारी करते हुए कहा कि यह रिलीज अमेरिका के इतिहास के सबसे संवेदनशील खुफिया दस्तावेजों में से एक को लेकर अभूतपूर्व पारदर्शिता प्रदान करती है। खासकर उस दौर को लेकर जो अमेरिका के इतिहास के सबसे भयावह दिनों में से एक से पहले और उसके तुरंत बाद का था।

क्या हुआ था 11 सितंबर 2001 को?

11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने अमेरिका में चार यात्री विमानों का अपहरण कर लिया था। इनमें से दो विमान न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर्स से टकराए। हमले के बाद दोनों विशाल इमारतें पूरी तरह ढह गईं और हजारों लोगों की जान चली गई। 9/11 हमले ने पूरी दुनिया की सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी रणनीति को बदल दिया। अब सार्वजनिक किए गए CIA दस्तावेज यह भी सामने लाते हैं कि इस हमले से वर्षों पहले ही ओसामा बिन लादेन का आतंकी नेटवर्क कई देशों को संभावित निशाने के तौर पर देख रहा था।

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