India-Maldives Relations: भारत और मालदीव के बीच एक बार फिर से संबंध मजबूत हो रहे हैं। 'न्यूज18' की एक रिपोर्ट के अनुसार, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 26 जुलाई को अपने देश की स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। इस कदम को दोनों पड़ोसियों के बीच तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
मालदीव की सत्ता में आने के लिए मोहम्मद मुइज्जू पिछले राष्ट्रपति चुनावों के दौरान 'इंडिया आउट' अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत उन्होंने भारतीय सेना को वापस बुलाने और भारत के प्रभाव को कम करने का ऐलान किया था। इसके बाद भारत और मालदीव के बीच रिश्ते खराब होते चले गए।
हालांकि, दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद बाद में मोहम्मद मुइज्जू ने पिछले साल अक्टूबर में भारत का दौरा किया। इस दौरान दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी में बदलने पर सहमत हुए। इसके अलावा भारत ने उसे लाखों डॉलर सहायता देने का फैसला किया। ताकि मालदीव को मौजूदा वित्तीय चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सके। मुइज्जू पिछले साल 9 जून को पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे।
इस बीच, मालदीव के आधारभूत संरचना मंत्री अब्दुल्ला मुथलिब ने मंगलवार को बताया कि भारत की मदद से थिलामाले पुल का काम 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है। थिलामाले पुल की लंबाई 6.7 किलोमीटर है। यह पुल राजधानी माले को पश्चिम में विलिमाले, थिलाफुशी और गुलहिफाल्हू से जोड़ेगा। इसका फंड भारत द्वारा 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर के अनुदान और भारत के एक्जिम बैंक द्वारा रियायती लोन के तहत किया जा रहा है।
मुथलिब ने X पर एक पोस्ट में कहा, "थिलामाले पुल के लिए ढांचा तैयार करने का काम सफलतापूर्वक पूरा हो गया है, जो इस परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण चरण है। समुद्र में 68 और दूसरे स्थान पर कुल 263 स्तंभ तैयार कर लिए गए हैं।" उन्होंने कहा, "इस उपलब्धि को हासिल करने के साथ ही परियोजना अब 60.84 प्रतिशत पूरी हो चुकी है।"
न्यूज पोर्टल 'सन.एमवी' ने कहा कि थिलामाले पुल परियोजना पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के प्रशासन द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। अगस्त 2021 में इस परियोजना का ठेका भारत की एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया गया था। थिलामाले पुल को पूरा करने की प्रारंभिक समय सीमा पिछले वर्ष निर्धारित की गई थी। लेकिन इसे कई बार संशोधित किया गया।