भारत से तनाव के बीच एक्टिव हुए नवाज शरीफ, लंदन से पाकिस्तान लौटते ही भाई शहबाज से जताई नाखुशी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने भाई और वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संकट को कम करने के लिए कूटनीतिक तरीके अपनाने की सलाह दी है। पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद, नवाज शरीफ अपने भाई प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मदद करने के लिए लंदन से पाकिस्तान लौट आए

अपडेटेड May 09, 2025 पर 6:36 PM
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भारत से तनाव के बीच पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ, लंदन से पाकिस्तान लौटे हैं।

India-Pakistan Tension : भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया। भारतीय सेना के द्वारा आतंकियों के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। वहीं भारत पर पलटवार करने की तमाम कोशिशों के बाद भी उसे मुंह की खानी पड़ी है। भारतीय सेना ने एक के बाद एक उसके कई हमलों को नाकाम कर दिया है। वहीं अब हर तरफ से घिरे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उनके बड़े भाई नवाज शरीफ ही खुश नहीं हैं। नवाज शरीफ ने पाकिस्तानी पीएम को भारत से तनाव को कम करने का निर्देश दिया है, इतना ही नहीं वो लंदन से पाकिस्तान भी लौट आए हैं।

भाई से खुश नहीं नवाज शरीफ

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने भाई और वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संकट को कम करने के लिए कूटनीतिक तरीके अपनाने की सलाह दी है। पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद, नवाज शरीफ अपने भाई प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मदद करने के लिए लंदन से पाकिस्तान लौट आए। नवाज शरीफ ने पाक पीएम को भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने पर राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक में किए गए निर्णयों के बारे में बताया और फिर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को कूटनीतिक तरीके से तनाव को कम करने की सलाह दी।


भारत से तनाव कम करने के पक्ष में

जानकारी के मुताबिक, नवाज शरीफ ने कहा कि वह चाहते हैं कि पीएमएल-एन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच शांति बनाए रखने के लिए सभी कूटनीतिक साधनों का उपयोग करे। उन्होंने यह भी कहा कि वह कोई आक्रामक रुख अपनाने के पक्ष में नहीं हैं। इससे पहले, 2023 में नवाज शरीफ ने भारत के साथ अच्छे संबंधों के महत्व को बताया था और कहा था कि 1999 में उनकी सरकार को इसलिए हटाया गया क्योंकि उन्होंने कारगिल युद्ध का विरोध किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नवाज शरीफ ने कहा था कि पीएमएल-एन ने हमेशा अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन फिर भी हमेशा सत्ता से बाहर कर दिया गया। उन्होंने यह भी पूछा, "मैं जानना चाहता हूं कि 1993 और 1999 में मेरी सरकारों को क्यों हटाया गया। क्या ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हमने कारगिल युद्ध का विरोध किया था?" नवाज शरीफ उस समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे जब 12 अक्टूबर 1999 को तख्तापलट में उनकी सरकार को उखाड़ फेंका गया था। पिछले साल नवाज ने यह भी स्वीकार किया था कि पाकिस्तान ने 1999 में भारत के साथ हुए समझौते का उल्लंघन किया था।

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा , "28 मई 1998 को पाकिस्तान ने पांच परमाणु परीक्षण किए। इसके बाद वाजपेयी साहब यहां आए और हमारे साथ समझौता किया। लेकिन हमने उस समझौते का उल्लंघन किया...यह हमारी गलती थी।"

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