'बांग्लादेश के साथ भारत वही करेगा जो पाकिस्तान के...;' नवाज शरीफ के सहयोगी को बांग्लादेश में 'ऑपरेशन सिंदूर' का डर

India Bangladesh Relations: पाकिस्तानी राजनीतिक कमेंटेटर नजम सेठी ने दावा किया है कि भारत हालिया भड़काऊ बयानों पर बांग्लादेश के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी कार्रवाई कर सकता है। पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी सहयोगी सेठी ने एक कहा है कि भारत बांग्लादेश की टिप्पणियों को नजरअंदाज नहीं करेगा

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 8:59 PM
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India Bangladesh Relations: पाकिस्तानी नेता ने दावा किया है कि भारत बांग्लादेश में 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी कार्रवाई कर सकता है

India Bangladesh Relations: पाकिस्तान के एक सीनियर नेता ने दावा किया है कि भारत जल्द ही बांग्लादेश में 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी कार्रवाई कर सकता है। पाकिस्तानी राजनीतिक कमेंटेटर नजम सेठी ने दावा किया है कि भारत ढाका के हालिया भड़काऊ बयानों पर बांग्लादेश के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी कार्रवाई कर सकता है। पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी सहयोगी सेठी ने एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल से कहा कि भारत, बांग्लादेश की टिप्पणियों को नजरअंदाज नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि भारत, ढाका के साथ वही कर सकता है जो उसने इस्लामाबाद के साथ किया था। वायरल वीडियो में सेठी ने दावा किया, "बांग्लादेश भारत को धमकी दे रहा है कि वह उसकी सात बहनों के साथ यह या वह करेगा। मुझे लगता है कि भारत कुछ करेगा... जैसा उसने पाकिस्तान के खिलाफ (ऑपरेशन सिंदूर) किया था। जिस तरह की आक्रामक नीति नरेंद्र मोदी अपनाते हैं... मुझे नहीं लगता कि वह इन सब बातों को नजरअंदाज करेंगे। वहां यह भावना है कि भारत को दिखाना होगा कि वह एक बड़ी शक्ति है।"

उनका यह बयान बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद नई दिल्ली और ढाका के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई है। हसीना फिलहाल भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने पिछले साल चीन यात्रा के दौरान एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों (जिन्हें सेवन सिस्टर्स भी कहा जाता है) को "लैंडलॉक्ड" बताया था।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इन टिप्पणियों को 'अपमानजनक और कड़ी निंदा के योग्य' बताया। जबकि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने इन्हें "शर्मनाक और भड़काऊ" करार दिया। भारत ने नियमित रूप से ऐसे बयानों की निंदा की है। भारत ने कहा है कि वह दुश्मनी के संकेतों के बावजूद बांग्लादेश के साथ संबंध मैत्रीपूर्ण रखना चाहता है।

विदेश मंत्रालय ने दिसंबर 2025 में एक बयान में कहा, "भारत ने कभी भी अपने क्षेत्र का इस्तेमाल बांग्लादेश के मैत्रीपूर्ण लोगों के हितों के खिलाफ गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया है।" ढाका ने भारत पर आवामी लीग के सदस्यों को अपनी जमीन पर बांग्लादेश विरोधी तत्वों को बढ़ावा देने की अनुमति देने का आरोप लगाया था। इसके बाद भारत का बयान आया।

बांग्लादेश में इस साल होने वाले आम चुनाव से पहले हिंसा और हिंदुओं की हत्या पर भारत में भारी नाराजगी है। भारत ने पिछले शुक्रवार को बांग्लादेश से कहा कि वह वहां अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों से तुरंत और सख्ती से निपटे। भारत ने घटनाओं को बाहरी कारणों से जोड़ने के प्रयासों को चिंताजनक बताया।


पड़ोसी देश में पिछले कुछ हफ्तों में कई हिंदुओं की हत्या किए जाने के बाद भारत की यह प्रतिक्रिया आई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और कारोबार पर चरमपंथियों द्वारा बार-बार किए जा रहे हमलों का चिंताजनक सिलसिला देख रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि इस तरह की सांप्रदायिक घटनाओं से तुरंत और सख्ती से निपटना जरूरी है।जायसवाल ने कहा, "हमने इस तरह की घटनाओं को व्यक्तिगत दुश्मनी, राजनीतिक मतभेदों या बाहरी कारणों से जोड़ने की एक चिंताजनक प्रवृत्ति देखी है।"

MEA प्रवक्ता ने कहा, "इस तरह की अनदेखी से अपराधियों का हौसला बढ़ता है। अल्पसंख्यकों के बीच भय एवं असुरक्षा की भावना और गहरी हो जाती है।" बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने पिछले महीने ही सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज की थीं।

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इनमें 10 हत्याएं, चोरी और डकैती के 10 मामले, घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, मंदिरों पर कब्जा करने, लूटपाट और आगजनी से जुड़ी 23 घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, जनवरी में अब तक चार और हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है। इससे दिसंबर से अब तक मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 14 हो गई है।

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