Indus Waters Treaty: सिंधु नदी जल पर बिलावल भुट्टो की गीदड़ भभकी, कहा- पानी नहीं तो उनका खून बहेगा

Bhutto Threatens India: पहलगाम हमले बाद भारत ने कड़ा रूख अपनाया है। सिंधु नदी का पानी रोकने का ऐलान कर दिया है। इस पर पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने गीदड़ भभकी देनी शुरू कर दी है। भुट्टो ने कहा कि सिंधु नदी में या तो हमारा पानी बहेगा, या फिर उनका खून बहेगा। सिंधु दरिया हमारा है और हमारा ही रहेगा

अपडेटेड Apr 26, 2025 पर 2:43 PM
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Bhutto Threatens India: भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि सिंधु जल संधि 1960 को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाता है।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सिंधु जल समझौता रोकने समेत कई कड़े कदम उठाए हैं। इससे पाकिस्तान बिलबिला उठा है। इसके साथ ही लगातार गीदड़ भभकी देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने भारत के खिलाफ भड़काऊ भाषण देना शुकू कर दिया है। भुट्टो ने कहा कि सिंधु नदी में या तो हमारा पानी बहेगा, या फिर उनका खून बहेगा। सिंधु दरिया हमारा है और हमारा ही रहेगा। पाकिस्तान की इस गीदड़ भभकी को पूरी दुनिया हंसी के तौर पर ले रही है।

भुट्टो ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए आगे कहा कि भारत की आबादी ज़्यादा होने से वो यह नहीं तय कर सकते कि सिंधु नदी का पानी किसका है। पाकिस्तान की जनता बहादुर है और हम डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। बॉर्डर पर हमारी सेना, भारत के हमले का जवाब देने के लिए तैयार है।


पाकिस्तानी नेताओं की धमकी भरी भाषा

बता दें कि भुट्टो ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर भी निशाना साधा और कहा कि भारत ने पहलगाम में हुए हमले के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया है। इधर नेशनल सिक्यूरिटी कमिटी (NSC) की बैठक के बाद गुरुवार को भी पाकिस्तान ने सिंधु जल समझौते पर आक्रामक बयानबाजी की है। पाकिस्तान ने कहा है कि सिंधु जल समझौते का उल्लंघन करते हुए अगर नदियों का पानी रोका जाता है तो इसे युद्ध के ऐलान के तौर पर लिया जाएगा। इसका जवाब पूरी ताकतों के साथ दिया जाएगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि इसके लिए हमें जो भी हमें कदम उठाने होंगे, हम उठाएंगे।

सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान में जाता है

1960 में भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच ये समझौता हुआ था। समझौते में सिंधु बेसिन से बहने वाली 6 नदियों को पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में बांटा गया था। पूर्वी हिस्से की नदियों रावी, ब्यास और सतलुज के पानी पर भारत का पूरा अधिकार है। पश्चिमी हिस्से की नदियों सिंधु, चिनाब और झेलम का 20% पानी भारत रोक सकता है। इस संधि में दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत करने और साइट के मुआयने का प्रावधान है। ये संधि कई युद्ध होने के बावजूद भारत और पाकिस्तान में लगातार बनी रही है। हालांकि अब इस संधि से बाहर आने की बात भारत ने कही है। भारत की तरफ से पानी रोकने के बाद पाकिस्तान बूंद-बूंद पानी के लिए तरस सकता है।

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