Hormuz Strait Crisis: मिडिल ईस्ट में बीती रात से ही भयंकर तबाही का दौर शुरू हो चुका है। इधर से ईरान तो उधर से इजरायल, दोनों तरफ से भारी मिसाइलें चल रही है। इन सब के बीच ईरान ने होर्मुज को लेकर एक ऐसा पासा फेंका है, जिससे पूरी दुनिया पर पहले से मंडरा रहा एनर्जी क्राइसिस का संकट और गहराने वाला है।
ईरान ने साफ कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खोलेगा तो सही, लेकिन अब वहां से गुजरने के लिए उसकी 'नई और कड़ी शर्तों' को मानना होगा।
ईरान के इस कदम से वैश्विक शिपिंग रूट और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के काले बादल गहरा गए हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की इस शर्त का पुरजोर विरोध किया है, जिससे दोनों देशों के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है।
अब रास्ता यूज करने के लिए देना होगा 'ट्रांजिट फीस'
रूस में ईरान के राजदूत काजेम जलाली ने मॉस्को के एक मशहूर अखबार 'इज़्वेस्टिया' को दिए इंटरव्यू में ईरान के इस नए चक्रव्यूह का खुलासा किया है। राजदूत जलाली ने कहा, 'यह स्ट्रेट खुला जरूर रहेगा, लेकिन अब ईरानी और ओमानी अधिकारियों द्वारा तय की जाने वाली नई शर्तों के तहत ही यहां से जहाज निकल पाएंगे'।
ईरान का तर्क है कि वह और ओमान इस संकरे समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को कई तरह की मरीन सर्विसेज देते हैं, इसलिए अब इसके बदले जहाजों से 'ट्रांजिट फीस' या 'सर्विस फीस' वसूली जाएगी।
मार्च से बंद है रास्ता, घुटनों पर आई दुनिया की एनर्जी सप्लाई
ईरान ने मार्च में युद्ध की शुरुआत होते ही इस रणनीतिक जलमार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया था। आपको बता दें कि दुनिया की कुल ऊर्जा का लगभग पांचवां हिस्सा अकेले इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
हालांकि, हाल के दिनों में कुछ तेल टैंकर खाड़ी से बाहर निकलने में कामयाब जरूर हुए हैं, लेकिन सप्लाई अभी भी बुरी तरह ठप है, जिसने दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में आग लगा रखी है।
कार्गो और जहाज देखकर तय होगा 'टैक्स'
ईरान के इस प्रस्ताव के मुताबिक, वह अमेरिका के साथ किसी भी स्थायी शांति समझौते के तहत इस फीस को वसूलने का अधिकार चाहता है। यह फीस इस बात पर निर्भर करेगी कि जहाज किस प्रकार का है, उस पर क्या सामान लदा है और उस वक्त के हालात कैसे हैं।
हालांकि, सुपरपावर अमेरिका ईरान के इस ब्लैकमेलिंग वाले प्लान के आगे झुकने को तैयार नहीं है। ट्रंप ने ईरान के इस ट्रांजिट फीस वाले प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है।
मई के आखिर में अमेरिका ने ओमान को सख्त लहजे में चेतावनी दी थी कि वह ईरान के साथ मिलकर वैश्विक जहाजों पर ऐसा कोई भी टोल टैक्स या फीस लगाने की कोशिशों में शामिल न हो।