Iran Hormuz Plan: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच 'होर्मुज जलडमरूमध्य' विवाद का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। अब ईरान ने दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग पर अपना नियंत्रण और मजबूत करने का फैसला किया है। ईरानी संसद की सुरक्षा समिति ने एक नए मैनेजमेंट प्लान को मंजूरी दी है, जिसके तहत इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूला जाएगा और कुछ देशों के प्रवेश पर पाबंदी होगी।
क्या है ईरान का 'होर्मुज प्लान'?
ईरानी सरकारी मीडिया(IRIB) के अनुसार, इस नए प्लान में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को अब ईरानी करेंसी 'रियाल' में टोल टैक्स देना होगा। नए प्लान में समुद्री सुरक्षा, जहाजों की सेफ्टी और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी नियम बनाए गए हैं। ईरान इस पूरे इलाके के प्रबंधन के लिए ओमान के साथ मिलकर एक कानूनी ढांचा तैयार करने की योजना बना रहा है।
अमेरिका और इजरायल पर 'बैन'
ईरान ने इस रणनीतिक रास्ते का इस्तेमाल एक हथियार के रूप में किया है। नए नियमों के तहत अमेरिकी और इजरायली जहाजों के यहां से गुजरने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। ईरान ने उन देशों के जहाजों पर भी पाबंदी बढ़ा दी है जो ईरान पर एकतरफा आर्थिक प्रतिबंध लगाने में शामिल हैं।
ट्रंप ने दी खुली चेतावनी: 'डील करो वरना सब उड़ा देंगे'
ईरान के इस कदम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया 'Truth Social' पर ईरान को सीधी धमकी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर जल्द ही कोई समझौता नहीं होता और होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए तुरंत नहीं खोला जाता, तो अंजाम बुरा होगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स, तेल के कुओं और खर्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर देगा।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भी कहा है कि अमेरिका जल्द ही इस रास्ते पर अपना नियंत्रण वापस कायम करेगा, चाहे इसके लिए युद्धपोतों का सहारा ही क्यों न लेना पड़े।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतनी जरूरी?
दुनिया के लिए यह रास्ता किसी लाइफलाइन से कम नहीं है। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। युद्ध शुरू होने के बाद से ही ईरान ने इस रास्ते से जहाजों के गुजरने पर रोक लगा दी है, जिससे क्रूड ऑयल के दाम आसमान छू रहे है और LPG-LNG की किल्लत हो रही है। यही वजह है कि दुनिया भर में एनर्जी क्राइसिस देखने को मिल रही है। अब अगर ईरान यहां टोल वसूलना शुरू करता है या लंबे समय तक रास्ता रोकता है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है जो गंभीर संकट पैदा कार सकती है।