होर्मुज स्ट्रेट से जहाज निकालना है, तो देने होंगे 20 लाख डॉलर! ईरान वसूलेगा पैसा, बोला- युद्ध में खर्चा होता है

US Iran War: ईरान के सांसद अलाउद्दीन बोरुजेरदी के मुताबिक, यह कदम दिखाता है कि अब इस जलडमरूमध्य पर ईरान का “नया नियंत्रण” है। उन्होंने कहा कि जहाजों से इतना बड़ा शुल्क लेना ईरान की ताकत को दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध में खर्च होता है, इसलिए अब यहां से गुजरने वाले जहाजों से पैसे लेना जरूरी हो गया है

अपडेटेड Mar 23, 2026 पर 9:05 AM
Story continues below Advertisement
होर्मुज स्ट्रेट से जहाज निकालना है, तो देने होंगे 20 लाख डॉलर! ईरान वसूलेगा पैसा, बोले- युद्ध में खर्चा होता है

ईरान ने फैसला किया है कि अब कुछ जहाजों से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए करीब 20 लाख डॉलर (लगभग 18.8 करोड़ रुपए) वसूले जाएंगे। यह कदम उसने अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे तनाव के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उठाया है। यह नया नियम लागू भी कर दिया गया है। ईरान के सांसद अलाउद्दीन बोरुजेरदी ने सरकारी टीवी चैनल को बताया कि यह इस अहम समुद्री रास्ते पर ईरान के नए तरीके का हिस्सा है।

बोरुजेरदी के मुताबिक, यह कदम दिखाता है कि अब इस जलडमरूमध्य पर ईरान का “नया नियंत्रण” है। उन्होंने कहा कि जहाजों से इतना बड़ा शुल्क लेना ईरान की ताकत को दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध में खर्च होता है, इसलिए अब यहां से गुजरने वाले जहाजों से पैसे लेना जरूरी हो गया है।

इसी बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर 48 घंटे में यह रास्ता नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली प्लांट पर हमला कर सकता है। ट्रंप ने कहा था कि जरूरत पड़ी, तो बड़े-बड़े पावर प्लांट तबाह कर दिए जाएंगे।


इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख दिखाया है। ईरानी नेताओं ने कहा कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो इजरायल के ऊर्जा ठिकाने को भी एक दिन में निशाना बनाया जा सकता है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी ट्रंप को जवाब देते हुए कहा कि यह समुद्री रास्ता सभी देशों के लिए खुला है, लेकिन ईरान के दुश्मनों के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि धमकियों से ईरान और मजबूत होता है और वह हर चुनौती का सामना करेगा।

ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो स्ट्रेस ऑफ होर्मुत को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यह रास्ता दुनिया में तेल सप्लाई के लिए बहुत अहम है, जहां से करीब 20% तेल गुजरता है। लेकिन हाल के हमलों की वजह से यहां से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है।

'हमें विश्वासघात और धोखा मिला, अब नहीं होगी अमेरिका से कोई बातचीत', अराघची का ट्रंप को कड़ा संदेश

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।