'हमें विश्वासघात और धोखा मिला, अब नहीं होगी अमेरिका से कोई बातचीत', अराघची का ट्रंप को कड़ा संदेश

Iran-US Conflict: ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके पावर प्लांट्स पर हमला किया, तो वह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को पूरी तरह बंद कर देगा। वहीं ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अगर रास्ता नहीं खुला, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े बिजली घरों को तबाह कर देगा

अपडेटेड Mar 23, 2026 पर 8:30 AM
Story continues below Advertisement
अराघची ने कहा कि अमेरिका ने आश्वासन दिया था कि वह कोई सैन्य हमला नहीं करेगा, लेकिन बातचीत के बीच उसने हमला कर दिया

Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां से वापसी की गुंजाइश खत्म होती दिख रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर बड़ा ऐलान किया है कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत अब 'हमेशा के लिए खत्म' हो चुकी है। उन्होंने अमेरिका पर 'विश्वासघात' और 'धोखाधड़ी' का आरोप लगाया है।

'अमेरिका ने हमें धोखा दिया'

ईरानी विदेश मंत्री अराघची के हालिया बयान ने युद्ध को खत्म करने को लेकर हो रही कूटनीतिक पहल की रही-सही उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अराघची ने कहा कि अमेरिका ने आश्वासन दिया था कि वह कोई सैन्य हमला नहीं करेगा, लेकिन बातचीत के बीच उसने हमला कर दिया। उन्होंने कहा, 'यह एक कड़वा अनुभव है। अब अमेरिकियों के साथ संवाद के लिए कोई जगह नहीं बची है। क्षेत्रीय युद्ध ने कूटनीति के दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर दिए हैं।'


युद्ध के और भयावह होने के आसार!

युद्ध अब अपने चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने की धमकी दी है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके पावर प्लांट्स पर हमला किया, तो वह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को पूरी तरह बंद कर देगा। वहीं ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अगर रास्ता नहीं खुला, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े बिजली घरों को तबाह कर देगा।

ट्रंप की धमकी के बाद ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान पर हमला हुआ, तो खाड़ी देशों के पानी साफ करने वाले प्लांट और ऊर्जा केंद्रों को 'हमेशा के लिए नष्ट' कर दिया जाएगा।

परमाणु केंद्रों के पास हुए धमाके

युद्ध अब परमाणु ठिकानों के करीब तक पहुंच गया है, जिससे दुनिया भर में डर का माहौल है। ईरान ने इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में मिसाइलें दागीं। ईरान का दावा है कि यह उसके नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले का बदला था। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक संवेदनशील परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास हुए हमले पर हैरानी जताई। उस हमले में लोगों को चोटें तो आईं, लेकिन किसी की जान नहीं गई।

पूरे क्षेत्र में फैली हुई है जंग की आग

यह युद्ध अब केवल इजरायल और ईरान तक सीमित नहीं रहा। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में पुलों को निशाना बनाया है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इसे 'जमीनी हमले की तैयारी' बताया है। लेबनान में अब तक 1,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 10 लाख से अधिक विस्थापित हुए हैं।

खाड़ी देशों कुवैत, बहरीन और यूएई में मिसाइल और ड्रोन खतरों के कारण एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 2,000 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अकेले ईरान में 1,500 से ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।