इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान भी भयंकर अटैक कर रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय और इजरायली वायु सेना कमांडर के ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया है। ईरान टाइम्स के मुताबिक, इस हमले के बाद इजरायली नेतृत्व में हड़कंप है। हालांकि पीएम नेतन्याहू के दफ्तर पर मिसाइल अटैक के ईरान के दावे को इजराइल ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इजराइल ने कहा है कि ऐसा कोई अटैक नहीं किया गया है।
बता दें कि , सुप्रीम लीडर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में 8 देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को पहले ही निशाना बनाया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फोर्स न्यूज के मुताबिक, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय और वहां की एयर फोर्स कमांडर के मुख्यालय को निशाना बनाकर हमला किया। वहीं ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने बताया कि ईरान से मिसाइल लॉन्च होने का संकेत मिलते ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय पर खेबर मिसाइलों से हमला किया गया।
इजरायल ने हमले से किया इनकार
इजरायल की मीडिया रिपोर्ट्स में ईरान के उस दावे को पूरी तरह गलत बताया गया है, जिसमें कहा गया था कि मिसाइल हमले में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय को निशाना बनाया गया। इजरायल ने इसे ‘झूठा प्रचार’ करार दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से इजरायली एयर फोर्स और नेवी ने ईरान की ओर से भेजे गए कई ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया है, जिससे बड़े हमले को टाल दिया गया।
बता दें कि, अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया में उस समय तनाव काफी बढ़ गया है। इस हमले में तेहरान के कई बड़े नेताओं के मारे जाने की खबर सामने आई, जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का नाम भी शामिल बताया गया। हमले में ईरान को भारी नुकसान हुआ और उसकी सेना के कई वरिष्ठ कमांडरों की भी मौत हुई। हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि युद्ध जैसे हालात के बावजूद देश की सरकारी व्यवस्था पूरी तरह काम करती रहेगी। उन्होंने मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी काम बिना किसी रुकावट के जारी रहें।