अब ईरान ने अमेरिकी जंगी जहाज पर कर दिया मिसाइल अटैक! तेहरान के इस बड़े दावे पर CENTCOM ने ये सब कहा

Iran Targets US Military Vessel: रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला उस वक्त किया गया जब अमेरिकी युद्धपोत ओमान की खाड़ी में ईरान की समुद्री सीमा के बिल्कुल करीब पहुंच गया था। ईरानी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरानी कमर्शियल जहाजों पर किए गए हमलों और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के अंतरराष्ट्रीय नियमों के खुले उल्लंघन के जवाब में की गई है

अपडेटेड Jun 04, 2026 पर 8:04 AM
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ईरान ने उस सैन्य युद्धपोत को निशाना बनाया है, जो अमेरिकी सेना के 'कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' के रूप में काम कर रहा था

US-Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब हर एक गुजरते पल के साथ और ज्यादा हिंसक होता जा रहा है। कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को दहलाने के ठीक बाद ईरान ने अब समंदर में अमेरिकी नौसेना पर सीधे हमले का दावा किया है। ईरान की सेना के मुताबिक, उसकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में एक अमेरिकी सैन्य युद्धपोत (US Military Vessel) को निशाना बनाया है, जो अमेरिकी सेना के 'कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' के रूप में काम कर रहा था।

हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे कोरा झूठ बताया है। इस बीच, युद्ध के मैदान में बरसते बारूद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बेहद अजीबोगरीब बयान भी सामने आया है, जिसने दुनिया को हैरान कर दिया है।

ईरान का दावा: 'होर्मुज' ब्लॉकेड का लिया बदला


ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला उस वक्त किया गया जब अमेरिकी युद्धपोत ओमान की खाड़ी में ईरान की समुद्री सीमा के बिल्कुल करीब पहुंच गया था।

ईरानी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरानी कमर्शियल जहाजों पर किए गए हमलों और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के अंतरराष्ट्रीय नियमों के खुले उल्लंघन के जवाब में की गई है।

गौर करने वाली बात यह है कि यह समुद्री हमला ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी बेसों पर दर्जनों मिसाइलें दागने के कुछ ही घंटों बाद हुआ।

'हमारे सारे जहाज पूरी तरह सुरक्षित'

ईरान के इस बड़े दावे के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्रालय में हड़कंप मच गया, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने तुरंत बयान जारी कर स्थिति साफ की। CENTCOM ने ईरान के दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि समंदर में तैनात अमेरिकी मिलिट्री की सभी संपत्तियां और युद्धपोत पूरी तरह सुरक्षित हैं। वे बिना किसी रुकावट या नुकसान के अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत खुले आसमान और समंदर में अपना ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं।

'वहां युद्धविराम का मतलब थोड़ा कम गोलीबारी करना है'

एक तरफ जहां दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं और सीजफायर के बाद भी लगातार मिसाइलें चल रही हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे तनाव को बेहद हल्के में लिया है।

इस ताजा सैन्य टकराव पर टिप्पणी करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद मजाकिया और हैरान करने वाला बयान दिया, 'मिडिल ईस्ट में सीजफायर का मतलब यह होता है कि जब आप पहले के मुकाबले थोड़ी 'उदारता या कम आक्रामकता' के साथ एक-दूसरे पर गोलियां चला रहे हों'।

ट्रंप ने साफ कहा कि वह इसे सीजफायर का पूरी तरह टूटना नहीं मानते, बल्कि यह इस क्षेत्र में होने वाला एक सीमित तनाव है, जो वहां के लिए कोई नई बात नहीं है।

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