ईरान,इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध शुक्रवार को सातवें दिन में पहुंच गया है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया था। इसके बाद से ईरान में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और कई जगह भारी तबाही देखने को मिल रही है। जानकारी के मुताबिक बीते सात दिनों से जारी इल युद्ध में पहले ही तीन दिनों में ईरान के कई शहरों को काफी नुकसान हुआ है।
कई इमारतें पूरी तरह तबाह हो गई हैं और आसपास के इलाकों में लगातार हो रहे हवाई हमलों की वजह से हालात काफी खराब हो गए हैं। लगातार हमलों के कारण कई क्षेत्रों में आम लोगों की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
5 मार्च, 2026 को इजरायली हवाई हमले में तबाह हुई एक इमारत
2000 से ज्यादा लोगों की मौत
अनुमान के अनुसार, लड़ाई शुरू होने के बाद से ईरान में अब तक लगभग 2,114 से 2,662 लोगों की मौत हो चुकी है। युद्ध पर नजर रखने वाले मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इनमें से कम से कम 1,114 लोग आम नागरिक थे। इसके अलावा करीब 900 और लोगों की मौतों की जांच अभी चल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे भी आम नागरिक थे या नहीं।
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इन संगठनों ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे जांच पूरी होगी, नागरिकों की मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है। इससे साफ है कि इस युद्ध में आम लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस युद्ध से ईरान के सुरक्षा तंत्र को भी बड़ा नुकसान हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 1,000 से 1,500 के बीच ईरानी सेना के जवानों की मौत हो चुकी है। इनमें 48 बड़े सरकारी और सैन्य अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार अमेरिका औरइजरायल के हमलों से ईरान के कम से कम 16 बड़े शहर और कस्बे प्रभावित हुए हैं। इनमें तेहरान, परांद, करज, मिनाब, बंदर अब्बास, अहवाज, इस्फहान, क़ोम, शिराज, करमानशाह, खोरमाबाद, तबरीज और मशहद जैसे शहर शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में सैन्य ठिकानों, रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकार से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि इन हमलों का असर कई रिहायशी इलाकों तक भी पहुंचा है, जिससे आम लोगों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
इजरायल के बेत शेमेश शहर में ईरान की मिसाइल हमले में कई लोगों की मौत हो गई थी।
600 मिसाइलें और 2000 से ज्यादा ड्रोन
ईरान ने इस संघर्ष में बड़े स्तर पर जवाबी कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने छह दिनों के भीतर 600 से ज्यादा मिसाइलें और 2,200 से ज्यादा ड्रोन दागे हैं। ये हमले सिर्फइजरायल तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया गया जहां अमेरिकी सेना के ठिकाने मौजूद हैं।
इनमें संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान और सऊदी अरब जैसे देश शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ईरान ने अरब सागर में तैनात अमेरिकी नौसेना के संसाधनों को भी निशाना बनाने की कोशिश की है। इससे संकेत मिलता है कि यह सैन्य टकराव अब केवल ईरान और इजराइल तक सीमित नहीं रह सकता और इसका दायरा और बढ़ सकता है।