125 फाइटर जेट और 'डिसेप्शन' की चाल...जानें 25 मिनट में कैसे तबाह हुए ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट

Iran Israel War: व्हाइट हाउस ने बताया कि, यह हमले 7 B-2 बॉम्बर्स से किए गए, जिनमें 12 भारी बम गिराए गए। इस बेहद गोपनीय सैन्य मिशन में 125 से ज्यादा विमान शामिल थे और एक खास 'डिसेप्शन' की रणनीति भी अपनाई गई थी। इस ऑपरेशन में महज 25 मिनट में ईरान के तीन अहम परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह हमले 7 B-2 बॉम्बर्स से किए गए, जिनमें 12 भारी बम गिराए गए

अपडेटेड Jun 22, 2025 पर 7:05 PM
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Israel Iran War: मिडिल ईस्ट की जंग अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है

Iran-Israel War : मिडिल ईस्ट की जंग अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। ईरान और इजराइल की जंग में अब अमेरिका भी कूद चुका है और उलने ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट - फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर हमला किया है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जो ऑपरेशन किया उसका नाम 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' रखा। इस ऑपरेशन में महज 25 मिनट में ईरान के तीन अहम परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह हमले 7 B-2 बॉम्बर्स से किए गए, जिनमें 12 भारी बम गिराए गए। इस हमले के बारे में व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन ने दी।

व्हाइट हाउस ने बताया कि, यह हमले 7 B-2 बॉम्बर्स से किए गए, जिनमें 12 भारी बम गिराए गए। इस बेहद गोपनीय सैन्य मिशन में 125 से ज्यादा विमान शामिल थे और एक खास 'डिसेप्शन' की रणनीति भी अपनाई गई थी।


टॉमहॉक मिसाइलों से हमला 

जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन ने कहा कि, शनिवार रात करीब 5 बजे (ईएसटी), ईरान में हमले से ठीक पहले, अमेरिका ने इस्फ़हान में प्रमुख ठिकानों पर दो दर्जन से ज़्यादा टॉमहॉक मिसाइलें दागीं। ये मिसाइलें एक अमेरिकी पनडुब्बी और सेंट्रल कमांड की ओर से लॉन्च की गईं। जैसे ही "ऑपरेशन मिडनाइट हैमर" का हमला दल ईरानी हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, अमेरिका ने दुश्मन को भ्रम में डालने की रणनीति अपनाई। इसमें अमेरिका के 4वीं और 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट हमले के मुख्य विमानों से आगे उड़ाए गए ताकि ईरानी फाइटर जेट और मिसाइल खतरे पहले टाला जा सके।

 B2 स्टील्थ बॉम्बर का हुआ इस्तेमाल

वहीं अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि ईरान के स्थानीय समयानुसार रात 2:10 बजे (अमेरिका में शाम 6:40 बजे EST), एक अमेरिकी B2 स्टील्थ बॉम्बर ने ईरान के फोर्डो इलाके में स्थित एक परमाणु ठिकाने पर पहला हमला किया। इस हमले में GBU-57 MOP (मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर) बम का इस्तेमाल किया गया। हेगसेथ ने कहा कि जैसा कि राष्ट्रपति ने पहले बताया था, बाकी सभी बमवर्षकों ने भी अपने-अपने लक्ष्य पूरी तरह कामयाब रहे। कुल 14 भारी बम ईरान के दो प्रमुख परमाणु ठिकानों पर गिराए गए।

ईरान को दिया गया चकमा

उन्होंने बताया कि, हमले का समय इस तरह चुना गया था कि ईरानी रडार और डिफेंस सिस्टम को चकमा दिया जा सके। सभी तीन परमाणु ठिकानों पर हमले शाम 6:40 बजे से लेकर 7:05 बजे EST के बीच किए गए। इस्फ़हान पर आखिरी हमला टॉमहॉक मिसाइलों से किया गया, जिससे पूरे ऑपरेशन में अचंभे और अचानक हमले का प्रभाव बना रहा। इस पूरे ऑपरेशन को अमेरिकी सेना के कई विभागों ने मिलकर अंजाम दिया। हमें फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं है कि ईरान ने हमारे विमानों पर कोई हमला किया या नहीं।'

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