ईरान की परमाणु साइट नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर शनिवार को हवाई हमला हुआ। ईरान की सरकारी एजेंसी ने बताया कि इस हमले के बाद वहां से कोई रेडिएशन लीक नहीं हुआ है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब पश्चिम एशिया में चल रही जंग चौथे हफ्ते में पहुंच चुकी है और हालात अभी भी शांत नहीं हो रहे हैं।
नतांज ईरान की सबसे बड़ी यूरेनियम बनाने वाली साइट है। इस पर पहले भी हमले हो चुके हैं और सैटेलाइट तस्वीरों में कई इमारतों को नुकसान दिखा था। उस समय इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने कहा था कि कोई रेडिएशन का खतरा नहीं है।
यह साइट तेहरान से करीब 220 किलोमीटर दूर है और पहले भी कई बार निशाना बन चुकी है, जिसमें 2025 की ईरान-इजरायल जंग और अमेरिका के पुराने हमले शामिल हैं।
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अब इस इलाके में अपनी सैन्य कार्रवाई कम करने पर विचार कर रहा है। लेकिन साथ ही अमेरिका अपनी ताकत भी बढ़ा रहा है और नए जहाज व करीब 2,500 सैनिक तैनात कर रहा है।
ट्रंप का यह बयान तब आया जब ईरान ने दुनिया भर में टूरिस्ट जगहों को निशाना बनाने की धमकी दी, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
दूसरी तरफ, अमेरिका ने तेल बाजार को संभालने के लिए ईरान के तेल पर कुछ पाबंदियां हटा दी हैं, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और इसका असर दुनिया भर के बाजारों पर पड़ रहा है।
जमीन पर भी हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। इजरायल ने कहा कि ईरान ने शनिवार सुबह फिर से मिसाइलें दागीं, जबकि सऊदी अरब ने अपने पूर्वी इलाके में कुछ ही घंटों में 20 ड्रोन मार गिराए।
यह सब उस समय हो रहा है जब एक दिन पहले ही इजरायल ने तेहरान पर हमले किए थे, वो भी नवरोज (फारसी नववर्ष) के दौरान, जो आमतौर पर खुशी का समय होता है।
लगातार अहम जगहों, खासकर परमाणु ठिकानों पर हमलों से अब यह जंग और ज्यादा खतरनाक और लंबी होती जा रही है।