Iran Protests: ईरान से भारतीयों को निकालेगी केंद्र सरकार, 16 जनवरी से शुरू हो सकता है ऑपरेशन

Iran Protests: खबरों के मुताबिक, केंद्र सरकार तेहरान में जारी विरोध-प्रदर्शन के कारण सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, निकाले जाने वाले लोगों के पहले बैच को शुक्रवार 16 जनवरी तक एयरलिफ्ट किए जाने की उम्मीद है

अपडेटेड Jan 15, 2026 पर 7:39 PM
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Iran Protests: तेहरान समेत पूरे ईरान में सरकार के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं

Iran Protests: सूत्रों के अनुसार ईरान में भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच बदलते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार उन भारतीय नागरिकों की वापसी में मदद करने की तैयारी कर रहा है जो अपने देश वापस आना चाहते हैं। खबरों के मुताबिक, ईरान से निकाले जाने वाले लोगों के पहले बैच को कल यानी शुक्रवार 16 जनवरी तक एयरलिफ्ट किए जाने की उम्मीद है।

ईरान में फंसे भारतीय छात्रों के माता-पिता ने CNN-News18 को बताया कि पहले बैच को 16 जनवरी को सुबह 8 बजे तक तैयार रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि निकालने की तैयारियां चल रही हैं। छात्रों से अपने दस्तावेज तैयार रखने को कहा गया है। इसके अलावा, यात्रियों की एक लिस्ट तैयार की जा रही है।

भारत और ईरान दोनों में विभिन्न अधिकारियों से जरूरी मंजूरी ली जा रही है। सरकारी सूत्रों ने CNN-News18 को यह भी बताया कि जमीनी हालात के हिसाब से जवाब देने की तैयारियां चल रही हैं। इसमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षित भारत वापसी की सुविधा देना शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि बदलते हालात को ध्यान में रखते हुए योजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है।


इस बीच, विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने पुष्टि की है कि जो भारतीय नागरिक भारत लौटना चाहते हैं, उनकी वापसी की सुविधा के लिए तैयारियां चल रही हैं। सूत्रों ने गुरुवार को कहा, "ईरान में बदलते हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय उन भारतीय नागरिकों की वापसी की सुविधा के लिए तैयारियां कर रहा है जो भारत लौटना चाहते हैं।"

ईरान में भारतीय दूतावास ने देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे भारतीय छात्रों का विवरण इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि कई इलाकों में इंटरनेट बंद होने के कारण इस प्रक्रिया में समय लग रहा है, जिससे संपर्क मुश्किल हो गया है। ईरान में चल रही अशांति के बीच भारतीय छात्रों की सुरक्षा और भलाई को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

पिछले महीने के आखिर में ईरानी करेंसी, रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। आर्थिक मुद्दों पर शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब सभी 31 प्रांतों में फैल चुका है। अब यह राजनीतिक बदलाव की मांगों में बदल गए हैं। अधिकार समूहों का दावा है कि देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों पर कार्रवाई में कम से कम 3,428 लोग मारे गए हैं। हाल के दिनों में कुल मिलाकर स्थिति तेजी से बिगड़ी है।

अनुमानों के अनुसार, छात्रों सहित 10,000 से अधिक भारतीय वर्तमान में ईरान में रह रहे हैं। बुधवार को भारत ने ईरान में अपने सभी नागरिकों को उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने और देश की यात्रा से बचने की सलाह दी थी। एक एडवाइजरी में तेहरान में भारतीय दूतावास ने छात्रों, तीर्थयात्रियों, बिज़नेसमैन और टूरिस्टों से कमर्शियल फ्लाइट्स या दूसरे उपलब्ध ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके ईरान छोड़ने की अपील की है।

ईरान में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों के अभिभावकों ने केंद्र से उनके बच्चों को वापस लाए जाने की अपील की है। कई अभिभावक श्रीनगर प्रेस एन्क्लेव में भी जुटे। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। अनुमानों के अनुसार, छात्रों सहित करीब 10,000 भारतीय इस समय ईरान में रह रहे हैं।

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ईरान में भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को सावधानी बरतने, विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों से बचने और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने को कहा है। भारतीय नागरिकों से पासपोर्ट सहित अपने यात्रा और आव्रजन दस्तावेजों को तैयार रखने का भी आग्रह किया गया। ईरान में 'रेजिडेंट वीजा' पर रह रहे भारतीयों को भी दूतावास में रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह दी गई।

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