ईरान में बीते दो सप्ताह के ज्यादा समय से सत्तारूढ़ शासन के खिलाफ जनता सड़कों पर उतर आई है। लगभग 100 शहरों में यह विरोध प्रदर्शन पहुंच चुका है और कई जगहों पर भारी हिंसा की भी खबरें सामने आईं हैं। वहीं इस प्रदर्शन को लेकर एक बेहद ही हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद अब तक कम से कम 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं ईरान सरकार ने इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतों के लिए “आतंकवादियों” को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, ईरान से जुड़ी एक दूसरी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मरने वालों की संख्या 12,000 से ज्यादा भी हो सकती है। रॉयटर्स से बात करने वाले अधिकारी ने कहा कि मृतकों में सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। इससे पहले मौतों की संख्या 646 बताई गई थी। एक वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान ईरानी सुरक्षा बलों ने देशभर में कम से कम 12,000 लोगों को मार डाला। वेबसाइट ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी हत्या बताया है। यह आंकड़ा रॉयटर्स को दिए गए सरकारी अनुमान से काफी अलग है।
रिपोर्ट में किया गया बड़ा दावा
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अब तक विरोध प्रदर्शनों में 2,000 लोगों की मौत हुई है और हिंसा के लिए “आतंकवादी” जिम्मेदार हैं। वहीं, मानवाधिकार संगठनों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक सैकड़ों मौतों की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि, ईरान में सख्त पाबंदियों के कारण सही आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल बताया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से गोलियों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। ईरान इंटरनेशनल का कहना है कि उसका 12,000 मौतों का अनुमान ईरान की अपनी सुरक्षा एजेंसियों के आंकड़ों पर आधारित है।
इस जानकारी को कई स्रोतों से इकट्ठा कर मिलान किया गया है, जिनमें सुरक्षा संस्थानों के सूत्र, चश्मदीद, मेडिकल अधिकारी और अलग-अलग शहरों के अस्पतालों व क्लीनिकों का डेटा शामिल है। इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर करीब से नजर रखे हुए है। भारत ने 5 जनवरी को अपने नागरिकों से ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की थी। साथ ही वहां पहले से मौजूद भारतीयों को सावधानी बरतने और प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “हम ईरान की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हमने इस संबंध में एडवाइजरी भी जारी की है। ईरान में करीब 10,000 भारतीय और भारतीय मूल के लोग रह रहे हैं।” ईरान में ये प्रदर्शन देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति, बढ़ती महंगाई और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत में तेज गिरावट के कारण शुरू हुए थे।