ईरान ने मिडिल ईस्ट में खूनी जंग का किया ऐलान! ट्रंप पर फोड़ा ठीकरा, जॉर्डन में US बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से किया अटैक

Iran US Ceasefire: ईरान ने एक तीखी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि, 'क्षेत्र का कोई भी देश अगर संयुक्त राज्य अमेरिका को अपनी धरती या सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति देता है चाहे वह हमलों की योजना बनाने के लिए हो या उन्हें अंजाम देने के लिए तो वह देश खुद को हमलावरों की कतार में खड़ा पाएगा'

अपडेटेड Jun 11, 2026 पर 3:46 PM
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सीजफायर टूटने के 'बेहद खतरनाक नतीजों' की पूरी जिम्मेदारी अब वाशिंगटन की होगी

Iran-US Strikes: मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बेहद कड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों ने 8 अप्रैल को हुए सीजफायर को पूरी तरह से 'अर्थहीन' बना दिया है। ईरान ने सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि इस तनाव को बढ़ाने और इसके बाद होने वाले 'बेहद खतरनाक नतीजों' की पूरी जिम्मेदारी अब वाशिंगटन की होगी।

ईरान की इस घोषणा के तुरंत बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है और स्थिति बेहद विस्फोटक हो गई है।

'अमेरिका को जमीन देने वाले देश भी भुगतेंगे अंजाम'


बढ़ते सैन्य टकराव के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने न सिर्फ अमेरिका को बल्कि क्षेत्र के अन्य देशों को भी निशाने पर लिया है। ईरान ने एक तीखी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि, 'क्षेत्र का कोई भी देश अगर संयुक्त राज्य अमेरिका को अपनी धरती या सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति देता है चाहे वह हमलों की योजना बनाने के लिए हो या उन्हें अंजाम देने के लिए तो वह देश खुद को हमलावरों की कतार में खड़ा पाएगा।'

ईरान का यह इशारा साफ तौर पर उन अरब देशों की तरफ है जहां अमेरिकी सेना के बेस मौजूद हैं। ईरान ने सिग्नल दे दिया है कि अब वह उन देशों पर भी पलटवार कर सकता है।

ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान पर किए ताबड़तोड़ हमले

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के कई ठिकानों पर नए सिरे से हवाई हमलों की झड़ी लगा दी। अमेरिकी सेना ने इन हमलों को पूरी तरह से 'आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई' बताया है।

एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार और खतरनाक हमलों की चेतावनी दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ उन्होंने यह भी कहा है कि अगर ईरान वाशिंगटन की शर्तों को मानने के लिए तैयार हो जाता है, तो दोनों देशों के बीच अब भी 'डील' संभव है।

ईरान का खौफनाक पलटवार

अमेरिका के इस एक्शन के जवाब में ईरान की खतरनाक सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को एक दुस्साहसिक जवाबी कार्रवाई को अंजाम दिया। ईरानी सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, IRGC ने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी कमांड सेंटर को निशाना बनाया है।

ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, IRGC ने जॉर्डन के अल-अज़राक एयरबेस और उसके कंट्रोल सेंटर पर एक के बाद एक 12 बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं।

ईरान ने इस हमले को 'आक्रामक देश के खिलाफ एक दंडात्मक कार्रवाई' बताया है। IRGC का दावा है कि इस मिसाइल हमले में अमेरिका का वह सैन्य ठिकाना पूरी तरह तबाह हो गया है और वहां खड़े 'बड़ी संख्या में अमेरिकी लड़ाकू विमान' मलबे में तब्दील हो चुके हैं। हालांकि, अमेरिका की तरफ से अभी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जॉर्डन में अपने मिलिट्री बेस पर हुए इस भीषण मिसाइल अटैक के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना ईरान को किस तरह और कितना खतरनाक जवाब देती है।

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