ईरान के पास बचे हैं खूब मिसाइल और ड्रोन, IRGC नेवी भी काफी मजबूत, US इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने ही खोल दी ट्रंप के दावों की पोल!

US Iran War: अमेरिकी खुफिया सूत्रों के अनुसार, पिछले 35 दिनों के भीषण हमलों के बावजूद अमेरिका ईरान के मिसाइल भंडार का केवल एक-तिहाई हिस्सा ही नष्ट कर पाया है। हालांकि, उस पर हुए घातक हमलों की वजह से ईरान को अपने मिसाइनल लॉन्चर तैनात करने में परेशानी जरूर आ रही है

अपडेटेड Apr 03, 2026 पर 1:59 PM
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ईरान के पास अब भी बचा है मिसाइल और ड्रोन का जखीरा, IRGC नेवी भी काफी मजबूत (IMAGE- AI GENERATED)

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को एक महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल ताकत पूरी तरह "खत्म" हो चुकी है। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? रक्षा विशेषज्ञों और खुफिया रिपोर्ट्स की मानें तो कहानी कुछ और ही है।

ट्रंप का दावा बनाम खुफिया रिपोर्ट

ट्रंप ने 4 मार्च और फिर 2 अप्रैल को कहा कि ईरान की नेवी और एयरफोर्स मलबे में तब्दील हो चुकी है और उनके पास अब "बहुत कम रॉकेट" बचे हैं।


अमेरिकी खुफिया सूत्रों के अनुसार, पिछले 35 दिनों के भीषण हमलों के बावजूद अमेरिका ईरान के मिसाइल भंडार का केवल एक-तिहाई हिस्सा ही नष्ट कर पाया है। हालांकि, उस पर हुए घातक हमलों की वजह से ईरान को अपने मिसाइनल लॉन्चर तैनात करने में परेशानी जरूर आ रही है।

CNN की रिपोर्ट कहती है कि ईरान के पास अब भी लगभग 50% मिसाइल लॉन्चर और हजारों घातक ड्रोन सुरक्षित हैं।

होर्मुज को बंद रखने की ताकत रखता है ईरान

इससे भी बड़ी चिंता की बात ये है कि ईरान के पास अब भी इतनी ताकत बची है कि वो होर्मुज स्ट्रेट को आगे भी अपने दम पर ब्लॉक कर के रख सकता है, जिससे वैश्विक तेल और गैस बाजार पर सीधा असर पड़ा है।

भले ही ईरान के बड़े जहाज तबाह हो गए हों, लेकिन वहां की 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' (IRGC) के पास अब भी हजारों छोटी नावें और बिना नाविक वाले जहाज (USVs) बचे हैं। खुफिया सूत्रों का कहना है कि ईरान अब भी दुनिया की तेल सप्लाई रोकने और समुद्र में "तबाही मचाने" की पूरी क्षमता रखता है।

अमेरिका ने कहा है कि उसने ईरान के 155 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी को ईरान की नौसेना नहीं बल्कि IRGC लागू कर रहा है।

ईरान के पास अभी कितनी मिसाइलें हैं?

ईरान के पास कुल कितनी मिसाइलें हैं, इसका सटीक आंकड़ा बताना मुश्किल है, क्योंकि वह अपनी ज्यादातर मिसाइलें जमीन के नीचे गुप्त ठिकानों में छिपाकर रखता है।

लेकिन युद्ध से पहले के अनुमान के मुताबिक, ईरान के पास करीब 2,000 से 2,500 मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) और 6,000 से 8,000 शॉर्ट रेंज मिसाइल (SRBM) थीं। यानी कुल मिलाकर उसके पास हजारों की संख्या में मिसाइलें मौजूद थीं।

इसके अलावा 2022 में अमेरिकी सेना की संस्था US सेंट्रल कमांड ने अनुमान लगाया था कि ईरान के पास करीब 3,000 तरह-तरह की मिसाइलें (बैलिस्टिक और क्रूज) थीं।

ईरान ने अपनी ताकत बढ़ाने के लिए 2023 में हाइपरसोनिक मिसाइलें भी शामिल कीं, जिनमें Fattah-1 और Fattah-2 शामिल हैं। ये मिसाइलें बहुत तेज और खतरनाक मानी जाती हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के पास Soumar नाम की क्रूज मिसाइल भी है, जिसकी रेंज करीब 3,000 किलोमीटर तक बताई जाती है, और Sejjil नाम की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी रेंज करीब 2,000 किलोमीटर है।

कुल मिलाकर, ईरान के पास अभी भी बड़ी संख्या में मिसाइलें हैं, और यही वजह है कि उसे पूरी तरह कमजोर मानना सही नहीं माना जा रहा है।

क्यों पूरी तरह नष्ट नहीं हो रहा ईरान का जखीरा?

ईरान ने दशकों से अपनी तैयारी "पहाड़ों के नीचे" की है। ईरान ने अपने मिसाइल और ड्रोन को गहरी सुरंगों और अंडरग्राउंड डिपो में छिपा रखा है।

अमेरिका-इजरायल के हमलों ने कई सुरंगों के दरवाजों को बंद तो कर दिया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अंदर रखे हथियार नष्ट हो गए हैं। अगर जंग रुकती है, तो ईरान इन्हें फिर से बाहर निकाल सकता है।

पेंटागन और व्हाइट हाउस की सफाई

जब इन रिपोर्ट्स पर सवाल उठे, तो अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने बचाव करते हुए कहा कि युद्ध की शुरुआत के मुकाबले ईरान के हमलों में 90% की कमी आई है।

ट्रंप प्रशासन ने कहा कि हमने उनकी मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली 66% फैक्ट्रियों को तबाह कर दिया है। व्हाइट हाउस का कहना है कि "गुमनाम सूत्र" राष्ट्रपति ट्रंप की उपलब्धियों को कम दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या जंग वाकई 2 हफ्ते में खत्म होगी?

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि युद्ध 2-3 हफ्तों में खत्म हो जाएगा, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही इशारा कर रहे हैं।

अमेरिका का मकसद ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करना और उसका यूरेनियम जब्त करना था, जो अभी तक पूरी तरह सफल नहीं हुआ है।

गुरुवार को ही ईरान ने UAE पर 15 मिसाइलें और 11 ड्रोन दागे, जो साबित करता है कि वह अभी घुटने टेकने को तैयार नहीं है।

ट्रंप भले ही जीत का ऐलान कर रहे हों, लेकिन ईरान के पास अभी भी "छिपे हुए पत्ते" बाकी हैं जो इस युद्ध को लंबा खींच सकते हैं।

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