Iran Targets US Forces: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से शुरू हुआ अमेरिका और ईरान का सैन्य टकराव अब पूरे मिडिल ईस्ट में तबाही मचा रहा है। बीते दो दिनों में एक बार फिर से खाड़ी में हमलें तेज हो गए है। बीती रात एक के बाद एक ईरान में कई हमले हुए। तेहरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका से बदला लेने के लिए बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर एक साथ मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमले कर दिए हैं।
इस भीषण हमले के बाद बहरीन में युद्ध के सायरन गूंज उठे, वहीं कुवैत की सेना ने भी अपनी सीमाओं पर 'आसमान में दिख रहे दुश्मन के हवाई ठिकानों' को इंटरसेप्ट किया। पूरे खाड़ी क्षेत्र में इस वक्त हाई-अलर्ट है और फिर से भयंकर युद्ध के बादल गहरा गए हैं।
जॉर्डन ने आसमान में ही मार गिराईं 5 ईरानी मिसाइलें
जॉर्डन की सेना ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि ईरान की तरफ से आए एक बड़े हवाई हमले को उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया है। जॉर्डन के जरका प्रांत के अल-अजराक इलाके को निशाना बनाकर दागी गईं 5 ईरानी मिसाइलों को जॉर्डन की सेना ने हवा में ही मार गिराया।
जॉर्डन मिलिट्री के मुताबिक, इस इंटरसेप्शन के बाद मिसाइलों का मलबा रिहायशी इलाकों में गिरा है, लेकिन राहत की बात यह है कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। जॉर्डन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वह अपनी हवाई सीमा का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा और उसकी सेना उच्चतम स्तर की तैयारी पर है।
बहरीन में अमेरिकी 5वें बेड़े पर ड्रोन अटैक
ईरान ने खुलेआम स्वीकार किया है कि उसने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपना दबदबा और डर बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है। ईरान ने दो बड़े मोर्चों पर एक साथ पलटवार किया:
बहरीन फ्रंट: बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के सबसे महत्वपूर्ण 5वें बेड़े के मुख्यालय को ईरान ने आत्मघाती ड्रोनों से निशाना बनाया।
जॉर्डन फ्रंट: जॉर्डन में मौजूद उस एयरबेस पर मिसाइलें दागी गईं, जहां भारी संख्या में अमेरिकी सैन्य कर्मी तैनात हैं।
क्यों भड़का ईरान? अमेरिका ने रात भर किए थे ताबड़तोड़ हमले
दरअसल, यह पूरी तबाही अमेरिका द्वारा मंगलवार रात ईरान के दक्षिणी हिस्सों पर किए गए हमलों का नतीजा है। अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के फाइटर जेट्स ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के जास्क, केशम द्वीप, मीनाब, बंदर अब्बास और सीरिक इलाकों को रात भर में कम से कम दो बार निशाना बनाया।
अमेरिकी सेना ने कहा कि उन्होंने इन इलाकों में ईरान के कम्युनिकेशन सेंटर और रडार सिस्टम को पूरी तरह तबाह कर दिया है। ईरान के मुताबिक, अमेरिकी बमबारी में उनके कई कम्युनिकेशन टावर और स्थानीय लोगों के पीने के पानी के दो बड़े टैंक नष्ट हो गए हैं।
'अपाचे हेलीकॉप्टर' गिरने से शुरू हुआ था विवाद
अमेरिकी सेना ने ईरान पर किए गए इन हमलों को पूरी तरह 'आत्मरक्षा' और एक 'आनुपातिक प्रतिक्रिया' बताया है। अमेरिका का कहना है कि सोमवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर ईरान ने अमेरिकी सेना के एक अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर को मार गिराया था, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर यह जवाबी कार्रवाई शुरू की गई।
फिलहाल खाड़ी देशों में तनाव चरम पर है। कुवैत, बहरीन और जॉर्डन की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं और अमेरिका-ईरान के बीच चल रहा यह 'एक के बदले एक हमला' किसी बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदलता नजर आ रहा है।