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Iran-US Talks: 'डील बस कुछ इंच दूर थी, लेकिन...'; ईरानी विदेश मंत्री ने बताया अमेरिका के साथ वार्ता क्यों फेल हुआ

Iran-US Talks: ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता पहले पाकिस्तान के माध्यम से परोक्ष रूप से और बाद में दोनों पक्षों के बीच सीधे तौर पर हुई। पूरी प्रक्रिया के हर चरण में पाकिस्तान शामिल रहा। वार्ता की शुरुआत अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों की प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ अलग-अलग बैठकों से हुई। हालांकि, इस वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकल पाया

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Apr 13, 2026 पर 8:56 AM
Iran-US Talks: 'डील बस कुछ इंच दूर थी, लेकिन...'; ईरानी विदेश मंत्री ने बताया अमेरिका के साथ वार्ता क्यों फेल हुआ
Iran-US Talks: पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे तक बातचीत चली। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया

Iran-US Talks: ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोमवार (13 अप्रैल) को कहा कि अमेरिका और ईरान दोनों पक्षों के बीच एक सहमति बनने वाली थी। डील बस कुछ इंच दूर थी, तभी उन्हें अतिवादी रवैये, बदलते लक्ष्यों और रुकावटों का सामना करना पड़ा। अराघची की यह टिप्पणी दोनों पक्षों की मुलाकात के एक दिन बाद आई है। दोनों पक्ष वीकेंड पर पाकिस्तान में मिले थे ताकि पश्चिम एशिया युद्ध को खत्म करने का कोई टिकाऊ समाधान निकाला जा सके। लेकिन वार्ता के बाद उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। इससे कई लोग यह सोचने पर मजबूर हो गए कि आखिर इन उच्च-स्तरीय बातचीत में हुआ क्या था।

अराघची ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के नेक इरादे से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह पिछले लगभग 50 सालों में दोनों देशों के बीच हुई सबसे उच्च-स्तरीय बातचीत थी। उन्होंने कहा, "47 सालों में सबसे उच्च स्तर पर हुई गहन बातचीत में ईरान ने युद्ध खत्म करने के नेक इरादे से अमेरिका के साथ बातचीत की। लेकिन जब हम इस्लामाबाद MoU से बस कुछ इंच दूर थे, तभी हमें अतिवादी रवैये, बदलते लक्ष्यों और रुकावटों का सामना करना पड़ा। इससे कोई सबक नहीं सीखा गया।"

ईरानी विदेश मंत्री ने X पर एक पोस्ट में इस बारे में ज्यादा विस्तार से नहीं बताया कि आखिर ऐसा क्या हुआ था जिसने लगभग हो चुकी इस डील में रुकावट डाल दी। अराघची से पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजशकियन ने भी संकेत दिया था कि अभी भी कोई डील हो सकती है। लेकिन उन्होंने अमेरिका से अपने तानाशाही रवैये को छोड़ने और ईरान के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की। पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच रविवार को हुई वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई।

21 घंटे की बातचीत का नहीं निकला कोई हल

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