Iran-US Talks: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर एक बार फिर से बातचीत होने वाली है। लेकिन यह बातचीत कब और कहां होगी ये अभी फाइनल नहीं हो पाया है। पाकिस्तान बातचीत को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों के तहत अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बात कर रहा है। इस बीच, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने गुरुवार (16 अप्रैल) को जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के अगले दौर के लिए अभी तक कोई तारीख तय नहीं की गई है। पाकिस्तान ने कहा कि आपसी सहमति से एक कार्यक्रम तय करने के लिए विचार-विमर्श जारी है।
इससे पहले 'वाइट हाउस' ने कहा था कि दूसरा दौर संभवतः पाकिस्तान में होगा। यह पूछे जाने पर कि शांति वार्ता का अगला राउंड कहां होगा व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा, "वे शायद उसी जगह पर होंगे जहां वे पिछली बार थे... वे (पाकिस्तान) इस बातचीत में अकेले मध्यस्थ हैं, जबकि दुनिया भर में कई देश हैं जो अपनी मदद देना चाहते हैं। प्रेसिडेंट को लगता है कि पाकिस्तानियों के ज़रिए इस संचार को बेहतर बनाना जरूरी है। इसलिए यही होता रहता है।"
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बुधवार को कहा कि ईरान के साथ दूसरे दौर की वार्ता इस्लामाबाद में अगले दो दिनों में आयोजित की जा सकती है। ट्रंप ने 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' को बताया, "आपको वहीं रहना चाहिए, क्योंकि अगले दो दिनों में कुछ भी हो सकता है, और हम वहां जाने के लिए अधिक इच्छुक हैं।" ट्रंप ने दूसरे दौर की वार्ता की संभावना का श्रेय पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "इसकी संभावना अधिक है, जानते हैं क्यों? क्योंकि फील्ड मार्शल शानदार काम कर रहे हैं।" 'फॉक्स न्यूज' ने बताया कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी पर अमेरिका का फैसला तेहरान के बातचीत की मेज पर लौटने के कारणों में से एक था।
एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी ने 'फॉक्स न्यूज' को बताया, "आज और कल बहुत कुछ होने वाला है। हमारे पास समझौते के सभी तत्व मौजूद हैं, लेकिन अभी तक यह पूरी तरह से संपन्न नहीं हुआ है।" अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए नाकेबंदी के पहले 24 घंटों में उसने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले सभी जहाजों को सफलतापूर्वक रोक दिया।
सेंटकॉम ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले सभी देशों के जहाजों पर यह नाकेबंदी निष्पक्ष रूप से लागू की जा रही है। इसमें यह भी बताया गया कि छह व्यापारिक जहाजों ने अमेरिका के निर्देशों का पालन करते हुए वापस लौटने का आदेश दिया।